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DM के पैरों पर गिरा मासूम बोला, 'साहब... बकाया दिलवा दो, नहीं तो हम तबाह जाएंगे'

बच्चे को स्कूल की फीस भरने के लिए डीएम ने कुछ रूपये भी दिए, लेकिन मासूम ने नहीं लिए. 

DM के पैरों पर गिरा मासूम बोला, 'साहब... बकाया दिलवा दो, नहीं तो हम तबाह जाएंगे'
इस घटना को देखने के बाद वहां, खड़े लोगों की आंखों में आंसू आ गए.

महराजगंज: महराजगंज बंद पड़े जेएचवी चीनी मिल को शीघ्र चलाने और गन्ना किसानों 46 करोड़ बकाया मूल्य भुगतान को लेकर जिले के करीब 22 हजार गन्ना किसानों का सरकार के प्रति काफी आक्रोश है, जिसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के गन्ने के तौल के लिए 7 अलग-अलग सुगर मिल अलॉट कर दिया है, जिसके लिए 33 सेंटर बनाए गए है. इसी कड़ी में जब जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय निचलौल तहसील के रायपुर तौल केंद्र पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो एक 8 साल का मासूम डीएम के पैरों पर गिर गया. 

दरअसल, निचलौल तहसील के रायपुर तौल केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय गन्ना किसानों की समस्याओं को सुन रहे थे और मौके पर मौजूद गन्ना अधिकारी को किसानों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने के निर्देश दे रहे थे. तभी एक किसान का आठ साल का बेटा हसनैन कलेक्टर के पैरों पर गिर कर रोने लगा.  

मासूम ने रोते हुए डीएम से कहा कि साहब! गन्ना किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द करा दिया जाए. हसनैन ने बताया कि गन्ने का भुगतान न होने से उसकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई है. स्कूल में उसकी फीस नहीं भरे जाने की वजह से उसे स्कूल से निकाल दिया गया. बच्चे ने डीएम के पैरों में गिरकर फरियाद लगाई कि गन्ने का बकाया दिलवा दीजिए नहीं तो हम तबाह हो जाएंगे. बच्चे को स्कूल की फीस भरने के लिए डीएम ने कुछ रूपये भी दिए, लेकिन मासूम ने नहीं लिए. डीएम ने बच्चे को उठाया और उसके आंसू पोछे और उसे आश्वासन दिया, कि जल्द ही उसकी परेशानी को सुलझा लिया जाएगा. 

जिलाधिकारी ने उस बच्चे को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द बकाया गन्ने मिल को भुगतान कराया जाएगा और बंद पड़े चीनी मिल को चलाया जाएगा. वहीं, दो केंद्रों पर काम ठीक नहीं होने पर डीएम ने अधिकारियों को सख्त और कठोर निर्देश दिए गए है. उन्होंने निर्देश दिए कि 24 घंटो में ठीक करें तो सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 

आपको बता दें कि जिले के करीब बाईस हजार गन्ना किसानों का मिल प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा पिछला भुगतान न होने से हालत बद से बदतर होती जा रही है. वहीं अभी तक इस सत्र में चीनी मिल द्वारा पेराई नहीं शुरू होने से गन्ना किसानों की फसल खेतों में ही पड़ी हुई है, जिसको देखते किसानों में सरकार के खिलाफ काफी रोष है.