नोएडा: अतिक्रमण पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, 50 हजार मीटर जमीन को कराया खाली

प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के आदेश पर ओएसडी संतोष उपाध्याय के नेतृव में यह पूरी कार्रवाई की गई है.

नोएडा: अतिक्रमण पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, 50 हजार मीटर जमीन को कराया खाली
प्राधिकरण की CEO रितु माहेश्वरी के आदेश पर ओएसडी संतोष उपाध्याय के नेतृव में ये पूरी कार्रवाई की गई.

नोएडा: दिल्ली से सटे नोएडा (Noida) में यमुना व हिंडन नदी के डूब क्षेत्र की जमीन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया. हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में नोएडा की नोटिफाइड 50 हजार मीटर जमीन पर अवैध तरीके से घर व बाउंड्री बनाकर अतिक्रमण किया गया था. जिस पर प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की.

बता दें कि प्राधिकरण ने सेक्टर 139/139a के सठियाना गांव में 120 करोड़ की जमीन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाते हुए कार्रवाई की. प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के आदेश पर ओएसडी संतोष उपाध्याय के नेतृव में ये पूरी कार्रवाई की गई है.

दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में स्थित यमुना एवं हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध कॉलोनियों के निर्माण को बहुत गम्भीरता से लिया. साथ ही अवैध निर्माण करने और भूमाफिया के विरुद्ध एक संयुक्त अभियान के रूप में आपराधिक कार्रवाई करने के लिए प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये.

आज हुई कार्रवाई के बारे में प्राधिकरण के ओएसडी संतोष उपाध्याय ने बताया कि सीईओ रितु माहेश्वरी के आदेश अनुसार सेक्टर 139/139a स्थित हिंडन पुरी से हिण्डन नदी के डूब क्षेत्र की ओर ग्राम सुथियाना स्थित खसरा संख्या 525, 526, 535, 530 और 4550 की भूमि पर लगभग 50 हजार वर्ग मीटर भूमि पर भू-माफिया पंकज, राजीव और अरविंद द्वारा आपराधिक षड्यंत्र पूर्वक जनसामान्य को धोखा देकर उनसे ठगी व जालसाजी एवं फर्जीवाड़ा करके काटी गई अवैध कॉलोनियों पर प्रदेश एवं विधि विरुद्ध तरीके से किये गये अवैध निर्माणों को प्राधिकरण के द्वारा तोड़ा जा रहा है.

आज हुई इस कार्रवाई में प्राधिकरण के ओएसडी संतोष उपाध्याय के साथ प्राधिकरण के टीम व नोएडा के तहसीलदार वीर सिंह, सहायक प्रबंधक, पुलिस की मौजूदगी में बढ़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई की गई. पूरी कार्रवाई में नोएडा प्राधिकरण के लगभग 50 छोटे बड़े कर्मचारी, 3 जेसीबी मशीन, 4 दुम्परो का प्रयोग किया गया.