नकली करेंसी छापने वाले गैंग का पर्दाफाश, मौके से पुलिस ने बरामद किए 1 लाख 61 हजार के नकली नोट

CO का कहना है कि नकली नोटों की गिनती करने पर 1 लाख 861 हजार रुपये की नकदी मिली है. जिसमें 2000 के 49 नोट 500 के 92 नोट व बाकी 100-100 के नकली नोट हैं.

नकली करेंसी छापने वाले गैंग का पर्दाफाश, मौके से पुलिस ने बरामद किए 1 लाख 61 हजार के नकली नोट
साभार-ट्विटर

औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने नकली करेंसी छापने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने गैंग के 4 शातिर बदमाशों के पास 1 लाख 61 हजार रुपये, प्रिंटर, कंप्यूटर, नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज बरामद किए हैं.

CO सुरेंद्र नाथ ने बताया कि पुलिस को लगातार बाजार में चल रहे नकली नोटों की जानकारी मिल रही थी. शनिवार देर शाम किसी मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि कोतवाली औरैया के बनारसीदास मोहल्ला में कुछ लोग किराये का मकान लेकर नकली नोट छापने का कारोबार चला रहे हैं.

सूचना पर औरैया कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने उस मकान पर छापा मारा और 4 शातिर बदमाशों को कलर प्रिंटर, जेके पेपर सहित नोट छापने का सामान के साथ पकड़ लिया है.

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CO का कहना है कि नकली नोटों की गिनती करने पर 1 लाख 861 हजार रुपये की नकदी मिली है. जिसमें 2000 के 49 नोट 500 के 92 नोट व बाकी 100-100 के नकली नोट हैं.

पूछताछ में इस गिरोह ने बताया कि ये लोग नकली नोट छाप कर रात के अंधेरे में पेट्रोल पंप और होटलों में खपा देते हैं. इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड धर्मेंद्र उर्फ करन राजपूत है. वहीं अन्य सदस्यों के नाम शहंशाह, समीर और कैफी अहमद है.

सदस्यों ने बताया कि सरगना धर्मेंद्र दिल्ली से नकली नोट छापने का काम सीख कर आया है. उसने पैसों का लालच देकर इन लोगों को अपने साथ मिला लिया. फिलहाल सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.

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