बस विवाद में कानूनी कार्रवाई झेल रहे अजय लल्लू की गिरफ्तारी को कांग्रेस ने बताया गैरकानूनी, कही ये बात

प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक और बीरेंद्र चौधरी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि पीसीसी चीफ को 14 दिनों की पुलिस रिमांड में जेल भेजना तानाशाही है. कांग्रेस पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में खड़ी है.  

बस विवाद में कानूनी कार्रवाई झेल रहे अजय लल्लू की गिरफ्तारी को कांग्रेस ने बताया गैरकानूनी, कही ये बात
फाइल फोटो

लखनऊ: मजदूरों के लिए बसों की सूची में फर्जीवाड़े के आरोप में कानूनी कार्रवाई झेल रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गैरकानूनी और निंदनीय बताया है. गुरुवार को बयान जारी करते हुए विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 1,000 बसों की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार ने उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसों को अंदर नहीं आने दिया. 3 दिनों तक बसों को लेकर हम बेबस खड़े रहे.

उन्होंने कहा कि आगरा में मजदूरों के लिए बसों को यूपी की सीमा में लाने की पैरोकारी कर रहे अजय कुमार लल्लू को यूपी पुलिस ने गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार किया. जैसे ही उनको आगरा में जमानत मिली लखनऊ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

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प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक और बीरेंद्र चौधरी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि पीसीसी चीफ को 14 दिनों की पुलिस रिमांड में जेल भेजना तानाशाही है. कांग्रेस पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में खड़ी है.

संयुक्त बयान में बताया गया कि आज पूरे प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव किया और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की. तमाम कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों की व्यथा व्यक्त की और श्रमिकों की सेवा का संकल्प लिया.