पिता की हुई मौत, बेटे ने लोगों से कहा, लॉकडाउन है, घर जाइए, शांति के लिए प्रार्थना कीजिए

आगरा में पिता की मौत पर बेटे ने अंतिम संस्कार में लोगों को न शामिल होने की अपील की.

पिता की हुई मौत, बेटे ने लोगों से कहा, लॉकडाउन है, घर जाइए, शांति के लिए प्रार्थना कीजिए

आगरा: आगरा में पिता की मौत पर बेटे ने अंतिम संस्कार में लोगों को न शामिल होने की अपील की.पिता की मौत पर सांत्वना देने और अंतिम संस्कार में शामिल होने आए आए लोगों से बेटे ने कहा कि आप लोग घर जाइए और अपने-अपने घरों में आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कीजिए. आईआरएस अधिकारी संजय लवानिया की पहल की लोगों में काफी चर्चा है. संजय के पिता के अंतिम संस्कार में परिवार के 10 से 15 लोग शामिल हुए. आगरा के अलकापुरी पुलिस चौकी क्षेत्र में रहने वाले आईआरएस अधिकारी संजय लवानिया की पोस्टिंग दिल्ली में है उनके पिता का देहांत होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए आगरा लाया गया. जैसे ही उनका शव गेट पर पहुंचा तो लोगों तांता सा लग गया. आसपास के लोग और रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. बेटे संजय लवानिया ने सभी से हाथ जोड़कर घर वापस जाने की अपील की.

बीमारी के चलते हुई पिता की मौत
पिता के अंतिम संस्कार में अधिक लोगों को शामिल नहीं होने की वजह जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे. आपको बता दें कि ये सब मृतक के बेटे ने इसलिए किया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोरोना वायरस को लेकर देश भर में लागू किये गए लॉकडाउन की अपील न टूट जाये. ये मामला है आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के अलकापुरी चौकी क्षेत्र का. 70 वर्षीय विजय कुमार की बीमारी के चलते मौत हो गई थी.

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मौत के बाद घर मे चीख पुकार मच गई और आसपास के लोग सांत्वना देने के लिए मृतक के घर पहुंच गए. तभी मृतक के बेटे जो 2004 बैच के आईआरएस अधिकारी है ने अपने परिवार के सदस्यों को पहले मास्क दिए और सांत्वना देने के लिए घर पहुंचे लोगों को पीएम मोदी की कोरोना को लेकर की गई अपील का ध्यान दिलाते हुए सभी से अपने अपने घर जा कर पिता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की. मात्र 10 से 15 परिवार के खास लोग मास्क लगाकर पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए ताजगंज के शमशान घाट लेकर पहुंचे जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया.