देवरियाः अतीक और कारोबारी के बीच नियमों के मुताबिक हुई थी मीटिंग, जेल प्रशासन

 कारोबारी मोहित जायसवाल ने आरोप लगाया है कि अतीक अहमद के गुर्गों ने उनका अपहरण किया और धमकी दी थी.

देवरियाः अतीक और कारोबारी के बीच नियमों के मुताबिक हुई थी मीटिंग, जेल प्रशासन
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्लीः यूपी के देवरिया में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद पर एक कारोबारी द्वारा धमकी देने और अपरहण के आरोपों पर जेल प्रशासन ने सफाई दी है. देवरिया जिला जेल के सुप्रीटेंडेंट डीके पांडे ने मीडिया को बताया कि यह खबर पूरी तरह से गलत है. हालांकि उन्होंने यह कहा कि जायसवाल की जेल में अतीक से मुलाकात हुई थी. कारोबारी मोहित जायसवाल ने आरोप लगाया है कि अतीक अहमद के गुर्गों ने उनका अपहरण किया और उन्हें देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले गए, जहां उनसे कई कागजातों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए और जान से मारने की धमकी दी गई.

हालांकि देवरिया जेल सुप्रीटेंडेंट डीके पांडे ने इसे खारिज करते हुए कहा, 'यह जानकारी पूरी तरह से गलत है, यह मीटिंग नियमों के मुताबिक हुई थी. जायसवाल ने हमें ऐसी कई शिकायत नहीं की है.' 
 

बता दें कि उत्तर प्रदेश की देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद सहित उनके बेटे उमर अहमद के खिलाफ धन उगाही और जेल में ही एक व्यक्ति की पिटाई करने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद संबंधित जेल में छापेमारी की जा रही है. इस मामले के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने कहा था, सरकार ने सोमवार तक एडीपी जेल से रिपोर्ट मांगी है ताकि जेल में हुई चूक के बारे में जिम्मेदारी तय की जा सके. रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जेल में कथित तौर पर पीटे गए मोहित जायसवाल ने बताया था, 'यह घटना 26 दिसंबर की है. मुझे गोमती नगर से जबरदस्ती देवरिया जेल ले जाया गया. पूर्व सांसद अतीक अहमद, उनके बेटे और अन्य 25-30 लोग पहले से ही वहां मौजूद थे. अतीक अहमद ने अपने आदमियों से मुझे पीटने के लिए कहा.'

रस्सी से बांधकर पीटा
पीड़ित ने आगे बताया, 'मुझे कुछ कंपनियों के चेक, रिक्त पत्र और त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा गया. साथ ही जेल में रस्सी से बांधकर पीटा गया. मैं मदद के लिए चिल्लाया, लेकिन कोई भी मेरी मदद करने नहीं आया. मैंने एफआईआर दर्ज करवाई है.'

क्या है पूरा मामला
आरोप है कि पूर्व सांसद अतीक अहमद के गुर्गों ने एक रियल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर लिया. कारोबारी को अपहर्ता गोमतीनगर से देवरिया जेल में बंद अतीक के पास ले गए, जहां उसकी पिटाई करके प्रॉपर्टी के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए गए और गाड़ी भी छीन ली गई. पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए. आलमबाग पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर गाड़ी बरामद कर ली है.


पीड़ित कारोबारी मोहित जायसवाल.

धन उगाही का दबाव
आलमबाग के विश्वेश्वर नगर निवासी मोहित जायसवाल रियल एस्टेट का काम करते हैं. उनका ऑफिस गोमतीनगर के विराट खंड में है. मोहित का आरोप है कि देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद ने दो साल पहले उन पर धनउगाही का दबाव बनाया था. डर के कारण पीड़ित ने उस समय रुपये दे दिए थे.

ऑफिस पर कब्जा
इसके बाद अतीक शांत हो गया लेकिन चार माह पूर्व अतीक के दो गुर्गे फारुख और जकी अहमद ने फिर रंगदारी मांगी. इनकार पर दो माह पहले दोनों ने मोहित के ऑफिस पर कब्जा कर लिया. दोनों ने जबरन कंपनी में अपना नाम लिखवा लिया और मोहित तथा उनकी बहन के डिजिटल हस्ताक्षर भी ले लिया. हालांकि, मोहित ने कोई शेयर दोनों को स्थानांतरित नहीं किया.


छापामारी करने पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी.

उंगलियों की हड्डियां टूट गईं
मोहित का आरोप है कि बुधवार को अतीक के एक गुर्गे ने उन्हीं की गाड़ी में अगवा कर लिया और देवरिया जेल में पूर्व सांसद के पास लेकर पहुंचा. जेल में पहले से अतीक का बेटा उमर, उसके गुर्गे जफरउल्लाह, गुलाब सरवर के अलावा 25-30 अज्ञात लोग मौजूद थे. आरोपितों ने मोहित की पिटाई की. इसमें उनके दाएं हाथ की उंगलियों की हड्डियां टूट गईं.

केस दर्ज
पीड़ित ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से मिलकर पूरी बात बताई. मोहित की तहरीर पर आलमबाग थाने में अतीक अहमद, फारुख, जकी अहमद, उमर, जफरउल्लाह, गुलाब सरवर और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, अपहरण, मारपीट, बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई. पुलिस टीम ने गोमतीनगर स्थित सिल्वर अपार्टमेंट से सुलतानपुर के खरहा निवासी गुलाम और प्रतापगढ़ के कंजा सराय निवासी इरफान को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से मोहित की गाड़ी भी बरामद की गई है.