डेंगू ही नहीं संदिग्ध बुखार, वायरल, टाइफाइड, स्क्रब टायफस के तमाम मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं. शहर में अब तक डेंगू से 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
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हल्द्वानी: उत्तराखंड (Uttarakhand) में डेंगू (Dengue) रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हल्द्वानी (Haldwani) के सुशीला तिवारी अस्पताल ( Sushila Tiwari Hospital) में 14 साल की बच्ची की डेंगू से उपचार के दौरान मौत हो गई. हल्द्वानी शहर और आस-पास के इलाकों में डेंगू से मौत का आंकड़ा अब तक 15 पहुंच गया है. जबकि डेंगू के मरीजों की संख्या 1833 के आस-पास है.
डेंगू से निपटने के सभी सरकारी इंतजाम फेल साबित हो गए हैं और तमाम सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं. डेंगू ही नहीं संदिग्ध बुखार, वायरल, टाइफाइड, स्क्रब टायफस के तमाम मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं. डेंगू से आम जनता परेशान है तो डेंगू का डंक सियासत को भी लग गया है.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुमित हृदेश और कांग्रेस के पार्षदों ने सरकार और हल्द्वानी नगर निगम से डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते 13 सवाल पूछे हैं. कांग्रेस ने सवालों की लिस्ट दागी और आरोप बीजेपी पर लगाए तो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट सरकार के बचाव में उतरे.
उन्होंने कहा कि दिनोंदिन डेंगू के मरीजों की संख्या घट रही है और उम्मीद करनी चाहिए कि जल्द डेंगू पर काबू पा लिया जाएगा. साथ ही विपक्ष को नसीहत भी दी कि यह समय सरकार पर हमला करने और राजनीति करने का नहीं है. लिहाजा डेंगू जैसे मामले पर हम एकजुट हो और यदि उनके पास कोई ऐसा तरीका है, जिससे सरकार डेंगू से निपटने में सफल हो सकती है तो वह सरकार के साथ उसको साझा कर सकते हैं.
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अजय भट्ट के मुताबिक, बीजेपी के कार्यकर्ता वार्ड मेंबर डेंगू प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि डेंगू के लिहाज से क्या प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए और कैसे डेंगू से बचाव किया जा सकता है.