नैनीताल: होम स्टे योजना ने पकड़ी रफतार, पर्यटक उठा सकेंगे कुमांऊनी संस्कृति का लुत्फ

कुमाँऊ की लोक संस्कृति, परंपरा, खान-पान और ग्रामीण परिवेश में अपनी छुट्टियाँ बिताने के साथ-साथ घर जैसे माहौल में रुकने के लिए  होम स्टे लिए सबसे बहतरीन जगह हो सकती है.

नैनीताल: होम स्टे योजना ने पकड़ी रफतार, पर्यटक उठा सकेंगे कुमांऊनी  संस्कृति का लुत्फ
प्रतीकात्मक तस्वीर

नैनीताल: प्रदेश में राज्य सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट होम स्टे योजना नैनीताल में तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत स्थानीय युवा पंजीकरण कर रहे हैं. ग्रामीण ही नही बल्कि नैनीताल शहर में भी कुमांऊनी रहन-सहन और खान-पान के शौकीन इन होम स्टे में रुक सकते हैं. हालांकि कुछ दिक्कतें भी सामने आ रही हैं, लेकिन इन सबके बावजूद नैनीताल जिले में होम स्टे को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है. 

बता दें, नैनीताल जिले में कई पर्यटन स्थल हैं, जहाँ आपको होम स्टे मिल सकेंगे. कुमाँऊ की लोक संस्कृति, परंपरा, खान-पान और ग्रामीण परिवेश में अपनी छुट्टियाँ बिताने के साथ-साथ घर जैसे माहौल में रुकने के लिए  होम स्टे लिए सबसे बहतरीन जगह हो सकती है. जिसमें लोग अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं.  

होम स्टे संचालक इस योजना से काफी उत्साहित हैं. उनकी माने तो वे अपने घर में ही जो एक्स्ट्रा कमरे हैं, जिसे उन्होनें सैलानियों के रुकने का स्थान बनाया है जिसमें ठहरे हुए सैलानियों को स्थानीय व्यंजन भी खिलाया जाता है.

गौरतलब है कि, राज्य सरकार होम स्टे संचालको को कई प्रकार की सुविधाएं भी दे रही है. इस योजना में नैनीताल जिला अग्रणी है. अभी तक जिले में करीब 200 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हो चुके हैं और राज्य सरकार की तरफ से उन्हें बिजली,पानी में छूट भी दी जा रही है. हालांकि बैंको से लोन मिलना थोड़ा मुशकिल हो रहा है, लेकिन होम स्टे संचालक फिलहाल इस योजना से काफी खुश नजर आ रहे हैं, साथ ही इस योजना की तारीफ भी कर रहे हैं. 

देश में राज्य सरकार करीब 5 हजार होम स्टे खोलने की योजना बना रही है. नैनीताल जिला हमेशा ही पर्यटकों की पहली पसंद रहा है, ऐसे में यहाँ होम स्टे को लेकर काफी उत्साह दिख रहा है.