बारिश की एक-एक बूंद चीर रही थी कलेजा, सुबह खेत की हालत देख बैठ गया दिल

रुक-रुककर हुई बारिश ने गेहूं की फसल को पूरी तरह से खराब कर दिया है. किसानों ने अपने-अपने खेतों में गेंहू, सरसों और अरहर की फसल लगाई थी, लेकिन बेमौसम हुई बरसात ने किसानों की सालभर की मेहनत एक ही झटके में बर्बाद कर दिया है.

बारिश की एक-एक बूंद चीर रही थी कलेजा, सुबह खेत की हालत देख बैठ गया दिल
आंधी और बारिश के बाद किसानों की फसले खराब हो गईं.

कौशाम्बी: बेमौसम हुई बारिश से रबी की फसल बर्बाद हो गई है. फसलों की हालत देखकर किसान परेशान हो उठे हैं. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में बुधवार (17 अप्रैल) की भोर में हुई बेमौसम बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरे खींच दी है. बरसात के चलते किसानों की खेत में खड़ी गेहूं की तैयार फसल खेत में भीग गई. जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक नुकसान दलहनी और तिलहनी फसलों को हुआ है.

एक झटके में बर्बाद हुई फसल
रुक-रुककर हुई बारिश ने गेहूं की फसल को पूरी तरह से खराब कर दिया है. किसानों ने अपने-अपने खेतों में गेंहू, सरसों और अरहर की फसल लगाई थी, लेकिन बेमौसम हुई बरसात ने किसानों की सालभर की मेहनत एक ही झटके में बर्बाद कर दिया है. इस प्राकृतिक आपदा के बाद किसनों के सामने अब जीवन यापन के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

किसानों की बढ़ी चिंता
ज्यादातर किसानों में अप्रैल के महीने में ही तैयार हुए गेंहू, दलहनी और तिलहनी फसलों की कटाई शुरू ही की है. अभी उनकी फसल खेतों से घरों तक नहीं पहुंची थी कि बेमौसम हुई बरसात में किसानों के चेहरे पर चिंता की कभी न खत्म होने वाली लकीरे खींच दी है.

खेती-किसानी पर निर्भर लोग
अगर सरकारी आंकड़ों में कौशाम्बी में खेती-किसानी पर निर्भर लोगों की बात की जाए, तो जिले में तकरीबन दो लाख से अधिक ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा चुका है, जिसमें आधे से अधिक किसान परंपरागत तरीके की खेती पर ही निर्भर है.