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मानसिक बीमारियों को दूर करने की अनूठी पहल, मोबाइल की लत को ऐसे किया जा रहा है दूर

बार-बार वीडियो देखना, सोशल मीडिया के पोस्ट को बार-बार देखना, कमेंट और लाइक्स का इंतजार करना, कुछ नहीं तो बार-बार मोबाइल के स्क्रीन को ही खोलकर देखना, ये सारे फोन की लत के लक्षण हैं. 

मानसिक बीमारियों को दूर करने की अनूठी पहल, मोबाइल की लत को ऐसे किया जा रहा है दूर
बरेली के जिला अस्पताल में ये केंद्र खोला गया है.

बरेली: बरेली (Bareilly) के स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने मानसिक बीमारियों को दूर करने की अनूठी पहल शुरू की है. जिला अस्पताल (District Hospital) में मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र के जरिए मोबाइल की लत (Mobile addiction) को दूर किया जा रहा है. आज के समय में मोबाइल की लत लोगों को मानसिक रूप से बीमार बना रही है. एक दिन मोबाइल पास न रहे तो वे बैचेन हो जाते हैं. ऐसे लोग फोन में आठ से दस घंटे का समय व्यतीत करते हैं. बार-बार वीडियो (Video) देखना, सोशल मीडिया (Social Media) के पोस्ट को बार-बार देखना, कमेंट और लाइक्स का इंतजार करना, कुछ नहीं तो बार-बार मोबाइल के स्क्रीन को ही खोलकर देखना, ये सारे फोन की लत के लक्षण हैं. 

इन लक्षणों ने आज के समय में युवाओं इस कदर अपनी जकड़न में ले लिया है कि वे चाहकर भी इससे छुटकारा नहीं पा पाते. आलम ये है कि अब बरेली में मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए जिला अस्पताल में मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र से जुड़ रहे है.  इस केंद्र में काउंसलिंग कर मोबाइल की लत को छुड़ाने का काम किया जा रहा है. 

सभी वर्गों में नशीले पदार्थों की तुलना में मोबाइल की लत तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण लोगों का दिमाग शांत नहीं होता, तनाव रहता है, मन बेचैन रहता है, सिर में भारीपन या दर्द हो जाता है और कभी-कभी ठीक से नींद नहीं आती. ऐसे में लोग खासतौर से युवा इस समस्या से निपटने के लिए सिगरेट, शराब आदि लेने लगते हैं. उनको लगता है कि शराब या सिगरेट लेने से उन्हें कुछ देर तक राहत महसूस होती है. मोबाइल की लत एक नशे के समान है.  

डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया जो देर रात तक मोबाइल लेकर बैठे रहना.  बिना वजह फेसबुक, व्हाट्सएप पर एक्टिव रहना, खाली समय मिलते ही मोबाइल में व्यस्त हो जाना, दिन में 8 से 12 घंटे तक मोबाइल का इस्तेमाल करना,  हर 10 मिनट बाद मोबाइल की स्क्रीन देखना, दिन में आठ से दस घंटे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना, बार-बार फोटो पर कमेंट और लाइक देखना, बार बार मोबाइल में फिजूल के वीडियो देखते रहना ये बीमारी के लक्षण है. 

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इसके लिए एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है. केंद्र के जरिए अब तक तीन हजार से अधिक लोगो की काउंसिलिंग कि जा चुकी है. वहीं माता-पिता अपने बच्चों यहां लाकर उनकी परेशानियों को दूर कराने का प्रयास कर रहे है.