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नोएडा : फायरमैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, इमारतों को NOC देने में अनियमितता का आरोप

Gautam Budh Nagar: फायरमैन अजीत सिंह और जान मोहम्मद अंसारी के खिलाफ क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम नोएडा गौतमबुद्धनगर की आख्या के आधार पर थाना सेक्टर-20 में भारतीय दंड संहिता की धारा धारा 420, 467, 468, 471 और भादंवि 66 आईटी एक्ट, व 7,8,13(1) (डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

नोएडा : फायरमैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, इमारतों को NOC देने में अनियमितता का आरोप
फाइल फोटो

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) के एक अग्निशमन कर्मी (Fireman) के खिलाफ भ्रष्टाचार (Corruption) का मामला पुलिस (UP Police) ने दर्ज किया है. अग्निशमन कर्मी पर आरोप है कि उसने इमारतों को एनओसी (NOC) देने में अनियमितता की और उसके बदले निजी लाभ लिया. जिले के मुख्य अग्निशमन अधिकारी की तरफ से बुधवार (25 सितंबर) को ये जानकारी दी. 

जानकारी के मुताबिक, फायरमैन अजीत सिंह और जान मोहम्मद अंसारी के खिलाफ क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम नोएडा गौतमबुद्धनगर की आख्या के आधार पर थाना सेक्टर-20 में भारतीय दंड संहिता की धारा धारा 420, 467, 468, 471 और भादंवि 66 आईटी एक्ट, व 7,8,13(1) (डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मुख्य अग्नि शमन अधिकारी की तरफ से इस मामले में 23 सितंबर को फायरमैन अजीत सिंह के विरुद्ध आख्या प्रेषित की गई थी कि अग्निशमन विभाग से एनओसी निर्गत किए जाने के संबंध में इनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिसके बाद उक्त प्रकरण में क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम (नोएडा गौतमबुद्धनगर) से विस्तृत जांच कराई गई. जांच में स्पष्ट हुआ कि फायरमैन अजीत सिंह ने कुल छह प्रकरणों में अपने नाम से एनओसी हेतु आवेदन किया, जिसमें उन्होंने बिल्डिंग ऑनर डिटेल में अपनी ई-मेल आई, जान मौ. अंसारी का मोबाइल नंबर तथा ऑर्टेक्ट के संपर्क नंबर में अपना नंबर अंकित किया है.

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यहां जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फायरमैन अजीत सिंह द्वारा सरकारी कर्मचारी/लोकसेवक होते हुए अन्य व्यक्तियों, भवन स्वामियों की अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त करने हेतु स्वयं के नाम, मो. नं. तथा अपने परिचित के मोबाईल नंबर से आवेदन किया गया, जिससे सिद्ध होता है कि इनके द्वारा भवन स्वामियों से निश्चित ही अनुचित लाभ लिया गया.

बयान में कहा गया है कि सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अपने प्रभाव से अनुचित लाभ निजी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए तथा अपने परिचित जान मोहम्मद अंसारी को भी अनुचित लाभ, प्रलोभन दिया व जान मोहम्मद द्वारा लोकसेवक से अनुचित लाभ प्राप्त किया गया.