यूपी पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री का बड़ा बयान, बताया इस तारीख को जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना
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यूपी पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री का बड़ा बयान, बताया इस तारीख को जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना

पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव त्रिस्तरीय होगा, जिसमे ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव कराया जाएगा. उन्होंने बताया की पार्टी इस बार अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगी लेकिन चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ा जाएगा.

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री का बड़ा बयान, बताया इस तारीख को जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना

बरेली: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. बरेली में शनिवार को पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संबंधी जिला बैठक करने पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरा और कहा कि आप लोगों को ही पार्टी टिकट देगी. हालांकि,उन्होंने साथ ही कहा कि भाजपा पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ेगी.

त्रिस्तरीय होंगे पंचायत चुनाव
पंचायती राज मंत्री ने बताया कि 15 फरवरी को अधिसूचना जारी हो सकती है, जबकि मई के पहले सप्ताह तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हो जायेंगे. पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव त्रिस्तरीय होगा, जिसमे ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव कराया जाएगा. उन्होंने बताया की पार्टी इस बार अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगी,लेकिन चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ा जाएगा.

15 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है. जबकि मार्च के अंत या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में ग्राम पंचायत के चुनाव सम्पन्न करवा लिए जाएंगे. इसके बाद क्षेत्र पंचायत और फिर जिला पंचायत का चुनाव कराया जाएगा और मई में त्रिस्तरीय चुनाव संपन्न हो जायेगे. उन्होंने बताया कि पार्टी ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

यह होगा आरक्षण फॉर्मूला
गौरतलब है कि इस समय यूपी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. इसके के तहत प्रत्येक ब्लॉक में एससी-एसटी पिछड़े और सामान्य वर्ग की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला के क्रम में बनाई जाएगी. फॉर्मूले के अनुसार एससी-एसटी और पिछड़े वर्ग के लिए प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस ब्लॉक पर अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में घटते क्रम में होगी.

2015 में जो पंचायत एससी-एसटी के लिए आरक्षित थी उन्हें इस बार एससी-एसटी के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा. इसी तरह अगर 2015 में पंचायत का प्रधान पद ओबीसी के लिए आरक्षित था तो इस बार उसे दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा. जानकारों की मानें तो नए नगरीय निकायों के गठन या सीमा विस्तार का आरक्षण पर असर दिख सकता है.

बैलेट पेपर से कराए जाएंगे चुनाव
यूपी पंचायत चुनाव इस बार बैलेट पेपर से कराए जाएंगे. इसको लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. जिलों पर मतपत्र भेजे जाने लगे हैं.

इस नियम के लगाए जा रहे हैं कयास
चुनाव लड़ने वालों के लिए दो बच्चों और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य करने को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह के मुताबिक, यूपी सरकार ने अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है. अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. लेकिन ये सब मुख्यमंत्री के संज्ञान में है. उन्हें इस पर निर्णय लेना है.

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