पीएम मोदी आज वाराणसी में करेंगे रोड शो, 26 अप्रैल को भरेंगे नामांकन

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के समय शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कई नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है.

पीएम मोदी आज वाराणसी में करेंगे रोड शो, 26 अप्रैल को भरेंगे नामांकन
पीएम मोदी के अलावा वाराणसी में एनडीए के कई बड़े नेता पहुंच सकते हैं. फाइल फोटो

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वाराणसी में एक रोड शो करेंगे और गंगा 'आरती' में भाग लेंगे. इसके अगले दिन यानी शुक्रवार को प्रधानमंत्री वाराणसी संसदीय सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के समय शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कई नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है.

अभी उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा का माल्यापर्ण करेंगे, जिसके बाद दोपहर करीब तीन बजे के बाद रोड शो शुरू होगा. रोड शो शाम सात बजे वाराणसी के घाटों के सबसे प्रमुख दशाश्वमेघ घाट पर समाप्त होगा, जहां मोदी शाम की प्रार्थना में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह 9 बजे छावनी क्षेत्र के एक होटल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

नीतीश कुमार और प्रकाश सिंह बादल रह सकते हैं मौजूद
मोदी नामांकन पत्र दाखिल करने कलेक्ट्रेट कार्यालय जाने से पहले काल भैरव मंदिर में प्रार्थना करेंगे. भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अन्य दलों के वरिष्ठ नेता मोदी के नामांकन पत्र दाखिल करते समय मौजूद रहेंगे. इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सहयोगियों में बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं.

सुषमा स्वराज और पीयूष गाेयल भी पहुंचेंगे
पार्टी के नेताओं ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, पीयूष गोयल, जे पी नड्डा और नितिन गडकरी के भी शामिल होने की संभावना है. मोदी ने 2014 में वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी. इस बार अटकलें हैं कि कांग्रेस अपनी महासचिव प्रियंका गांधी को उनके खिलाफ मैदान में उतार सकती है.