close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

प्रयागराजः इस बार संगम नहीं अंदावा में होगा देवी प्रतिमाओं का विसर्जन, यह है कारण

पूरे शहर में 70 से ज्यादा कमेटियों और 130 से ज्यादा घरेलू मूर्तियों की पूजा होती है, जिनमें कई मूर्तियां काफी बड़ी और भारी भी होती हैं. ऐसे में इन मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए बड़ी गाड़ियों में इन मूर्तियों को ले जाना पड़ता है.

प्रयागराजः इस बार संगम नहीं अंदावा में होगा देवी प्रतिमाओं का विसर्जन, यह है कारण
(फाइल फोटो)

प्रयागराज : गंगा नदी में इन दिनों बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते प्रशासन ने इस बार संगम तट पर काली रोड में होने वाले देवी प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है. जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए संगम पर बनने वाले तालाब में देवी विसर्जन की जगह अंदावा झूंसी सराय स्थित महेंद्र सिंह डिग्री कॉलेज के पास बने तालाब में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के निर्देश जारी किए हैं. ऐसे में एडीएम सिटी एके कनौजिया ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संदीप भगिया और सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार मिश्रा के साथ मौके पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया.

बता दें पूरे शहर में 70 से ज्यादा कमेटियों और 130 से ज्यादा घरेलू मूर्तियों की पूजा होती है, जिनमें कई मूर्तियां काफी बड़ी और भारी भी होती हैं. ऐसे में इन मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए बड़ी गाड़ियों में इन मूर्तियों को ले जाना पड़ता है. इस पर कई कमेटियां परेशान हैं कि, 15 किलोमीटर दूर स्थित नए विसर्जन स्थल पर इन मूर्तियों को कैसे लेकर जाया जाएगा, क्योंकि इन सब का इंतजाम उन्हें 1 दिन के भीतर ही करना होगा.

देखें LIVE TV

नवरात्रों में दुर्गानवमी के दिन श्रद्धालुओे में अलग ही उत्साह, मंदिरों में उमड़ी भीड़

वहीं प्रशासन भी इस बात को लेकर परेशान है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 1 दिन के अंदर व्यवस्थाएं कैसे की जाएंगी. हालांकि प्रशासन की तरफ से शहर की तमाम दुर्गा पूजा कमेटियों को इसकी सूचना दे दी गई है कि इस बार संगम नहीं बल्कि झूंसी सराय स्थित महेंद्र सिंह डिग्री कॉलेज के पास बने तालाब में मूर्ति विसर्जन किया जाएगा. विसर्जन स्थल पर तीन जेटी, लाइटिंग, पंडाल, नावें, माइक सिस्टम, कंट्रोल रूम की व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा जा सके.