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प्रतिभाशाली बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल भवन में केंद्र चाहते हैं रमेश पोखरियाल 'निशंक'

केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरिया निशंक ने गुरुवार को राष्ट्रीय बाल भवन संस्था का औचक निरीक्षण किया और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को अभिनव शिक्षण कार्यक्रम के तहत 'प्रतिभाशाली बच्चों के लिए केंद्र' स्थापित करने को कहा.

प्रतिभाशाली बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल भवन में केंद्र चाहते हैं रमेश पोखरियाल 'निशंक'
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की फाइल फोटो.

नई दिल्ली: केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने गुरुवार को स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को राष्ट्रीय बाल भवन में ‘प्रतिभावान बच्चों के लिए एक केंद्र’ स्थापित करने को कहा है. मानव संसाधन एवं विकास (एचआरडी) मंत्रालय की एक स्वायत्त इकाई के तहत आने वाली इस संस्था का पोखरियाल ने दौरा किया जिसके बाद यह घोषणा की गई. मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभिनव शिक्षण कार्यक्रम के तहत बाल भवन में प्रतिभावान बच्चों का एक केंद्र बनना चाहिए. 

केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरिया निशंक ने गुरुवार को राष्ट्रीय बाल भवन संस्था का औचक निरीक्षण किया और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को अभिनव शिक्षण कार्यक्रम के तहत 'प्रतिभाशाली बच्चों के लिए केंद्र' स्थापित करने को कहा. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. निशंक ने राष्ट्रीय बाल भवन में बच्चों के कौशल को विकसित करने, कला और शिल्प, संगीत, नृत्य, विज्ञान, संग्रहालय तकनीक, शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में उनकी रचनात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के लिए मनोरंजक गतिविधियों का संचालन कर रहा है. 

इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों को कला, गायन, संगीत, नृत्य, आदि के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के नामचीन कलाकारों के साथ अनुभव साझा करने के लिए विभिन्न अवसरों और एक साझा मंच प्रदान कर बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाना है.

उन्होंने कहा कि बच्चों की कलात्मक प्रतिभा का पोषण करने के लिए उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. मंत्री ने भारतीय वायुसेना की मदद से 'भारतीय वायु सेना प्रचार पैविलियन' विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की. उन्होंने एनबीबी के उन सभी पूर्व छात्रों का डेटाबेस तैयार करने का भी निर्देश दिया, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है.

उन्होंने राष्ट्रीय बाल भवन में अवसंरचना और सुविधाओं के उन्नयन के लिए एक योजना बनाने और उसका बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया और विशेष जरूरतों वाले बच्चों (दिव्यांग) के लिए भी एक प्रस्ताव बनाने को कहा.