स्वामी साणंद की मौत पर बोली कांग्रेस, क्या नमामि गंगे भी एक 'जुमला' था

गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप साणंद का गुरुवार (11 अक्टूबर) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में निधन हो गया.

स्वामी साणंद की मौत पर बोली कांग्रेस, क्या नमामि गंगे भी एक 'जुमला' था
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गंगा की अविरल धारा के लिए अनशन करने वाले प्रो. जीडी अग्रवाल के निधन पर गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'गंगा की सफाई के लिए 22 हजार करोड़ आवंटित करने वाले पीएम मोदी कहते थे कि मां गंगा ने उन्हें बुलाया है. अभी तक इस आवंटित राशि का एक-चौथाई हिस्सा भी प्रयोग नहीं किया गया है. वहीं, आज गंगा में प्रदूषण वर्ष 2014 की तुलना में और ज्यादा बढ़ गया है.'   

साणंद कर रहे थे विशेष एक्ट की मांग को लेकर आमरण अनशन
सुरजेवाला ने हमला जारी रखते हुए कहा कि क्या पीएम मोदी द्वारा शुरू किया गया महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'नमामि गंगे' भी 'जुमला' था. उन्होंने कहा कि शायद प्रो. जीडी अग्रवाल के निधन के बाद इस अंधी सरकार को देखने की ताकत मिल जाए. दरअसल, गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप साणंद का गुरुवार (11 अक्टूबर) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में निधन हो गया. स्वामी साणंद का नाम प्रो. जीडी अग्रवाल था. उन्हें बुधवार (10 अक्टूबर) को हरिद्वार प्रशासन ने एम्स में भर्ती कराया था. 

स्वामी साणंद किसके लिए मरे, हमारे लिए ही न...

मुझे पहले से ही था इस बात का डर- उमा भारती
वहीं, हरिद्वार में अनिश्चितकालीन उपवास पर प्रो. जीडी अग्रवाल के निधन पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि मुझे उनके निधन से झटका लगा है. मुझे डर था कि ऐसा होगा. मैंने नितिन गडकरी और अन्य को उनके निधन के बारे में सूचना भेज दी है. बता दें कि डॉक्टरों ने स्वामी साणंद के निधन का कारण कमजोरी और हार्ट अटैक बताया है. लगातार कई महीनों से अनशन पर बैठे स्वामी साणंद ने मंगलवार (09 अक्टूबर) को जल भी त्याग दिया था. स्वामी ज्ञान स्वरूप साणंद 22 जून से गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनशन पर थे. वह आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रोफेसर भी रह चुके हैं.

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फोटो साभार : PTI

पुलिस ने जबरन कराया था अस्पताल में भर्ती
बता दें कि सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता विफल होने के बाद उन्होंने जल भी त्याग दिया था. बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे पुलिस बल मातृसदन पहुंचा था. इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट और कनखल सीओ मातृसदन पहुंचे और आश्रम में धारा 144 लगाए जाने की बात कही. इस पर स्वामी शिवानंद भड़क गए और आश्रम में धारा 144 लगाना नियमों के विरुद्ध बताया. इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वामी शिवानंद से साणंद को ले जाने की अनुमति मांगी. जानकारी के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट के आग्रह को स्वामी शिवानंद मान गए, लेकिन स्वामी साणंद ने जाने से इनकार कर दिया था. इसपर सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल ने जबरन स्वामी साणंद को उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया था.