Sawan 2023: नागपंचमी के संयोग में मनेगा सावन का 7वां सोमवार, 24 साल बाद बन रहा ऐसा अद्भुत योग
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Sawan 2023: नागपंचमी के संयोग में मनेगा सावन का 7वां सोमवार, 24 साल बाद बन रहा ऐसा अद्भुत योग

Sawan 7th Somvar 2023: श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है... इस दिन नागों की पूजा की जाती है...21 अगस्त को सावन का 7वां सोमवार भी पड़ रहा है...नागपंचमी के दिन नागों में खासकर वासुकि नाग की पूजा होती है... इस बार सावन माह में अधिकमास होने के कारण नागपंचमी का पर्व अगस्त में मनाया जा रहा है..

प्रतीकात्मक फोटो

Sawan 7th Somvar 2023: इस बार सावन (Sawan) का महीना बड़ा ही खास है. अधिक मास के चलते शिव जी (Lord Shiva) का यह प्रिय महीना इस साल 59 दिन का है. इस बार सावन में कुल आठ सोमवार भी पड़ रहे हैं. 21 अगस्त 2023 को सावन महीने का 7वां सोमवार है.  इस दिन नागपंचमी का त्योहार भी रहेगा और शुभ नामक एक योग भी बन रहा है. चित्र नक्षत्र भी रहेगा और सबसे शुभ अभिजीत मुहूर्त में. इस दिन व्रत का खास महत्व होगा.  इस दिन नाग पंचमी भी पड़ रही है. इसलिए इस दिन पूजा करने से शिव जी के साथ-साथ नाग देवता की भी कृपा मिलेगी. आइए जानते हैं सावन के सातवें सोमवार और नाग पंचमी की पूजा विधि और शुभ मुहुर्त के बारे में... 

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नागपंचमी का पावन पर्व 
पंचाग के मुताबिक पंचमी तिथि का प्रारंभ रविवार 20 अगस्त को रात 12 बजकर 24 मिनट से शुरू हो रहा है. ये शुभ मुहूर्त अगले दिन 21 अगस्त की रात 1 बजे तक रहेगा. 18 अगस्त को शुक्र का उदय हो रहा है. नागपंचमी का यह पर्व सोमवार के दिन और अधिकमास के बाद आ रहा है. ऐसा संयोग 24 साल बाद बन रहा है.

सावन का 7वां सोमवार 2023 
21 अगस्त को सावन का सातवां सोमवार है. इसी दिन नाग पंचमी भी मनाई जा रही है. नाग पंचमी पर शिव जी के गण नाग देवता की पूजा की जाती है.  ऐसे में नाग देवता और सावन सोमवार की पूजा का एक साथ संयोग बहुत शुभ माना जा रहा है.

होरा में नाग का करें पूजन करना शुभ
21 अगस्त को सूर्योदय व्यापिनी पंचमी तिथि पूरे दिन रहेगी.  सूर्योदय के बाद 5 बजकर 57 बजे से 6 बजकर 57 बजे तक चंद्रमा की होरा में नाग पूजन करना शुभ रहेगा.  जिसकी कुंडली में सर्प दोष के कारण घर में झगड़े, संतान उत्पति में बाधा और कई तरह बीमारियों से ग्रस्त होने के कारण परेशानी हो तो उसे भगवान शिव को कुशा के जल से अभिषेक करना चाहिए. 

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शिव जी और नाग देवता की पूजा का मुहुर्त
सुबह- 6 बजकर 21 मिनट से सुबह 08 बजकर 53

उत्तम मुहुर्त- सुबह- 09 बजकर 31 मिनट से सुबह 11 बजकर 06 मिनट तक
प्रदोष काल मुहूर्त- शाम- 05 बजकर 27 मिनट से रात 08 बजकर 27 मिनट तक

नाग पंचमी के दिन पूजा विधि
नाग पंचमी वाले दिन नागों की पूजा की जाती है. इस दिन घर के दरवाजे पर सांप की आठ आकृति बनाई जाती है. इस दिन घर में कुछ मीठा बनाया जाता है.  इन आकृतियों पर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नागदेवता की पूजा करें. फिर मिठाई का भोग लगाएं औ नाग देवता की कथा अवश्य पढ़ें. पूजा करने के बाद कच्चे दूध में घी और चीनी मिलाकर उसे लकड़ी पर रखे गए सांप को अर्पित करें. 

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