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वाराणसी में आज से ‘प्रवासी भारतीय दिवस’, CM योगी बोले- अतिथि देवो भव:'

‘काशी का आतिथ्य’ विचार के तहत स्थानीय लोगों से भारतवंशी अतिथियों, आगंतुकों को ठहरने की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया गया ताकि उन्हें ऐतिहासिक शहर बनारस के लोगों से रूबरू होने का मौका मिल सके.

वाराणसी में आज से ‘प्रवासी भारतीय दिवस’, CM योगी बोले- अतिथि देवो भव:'
वाराणसी में 23 जनवरी तक चलेगा ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Diwas 2019).

वासुदेव त्रिपाठी, वाराणसी: आध्यात्मिक नगर बनारस में आज (21 जनवरी) से तीन दिवसीय ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Diwas 2019) शुरू हो रहा है. वाराणसी यहां आने वाले अतिथियों की स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. ‘काशी का आतिथ्य’ विचार के तहत स्थानीय लोगों से भारतवंशी अतिथियों, आगंतुकों को ठहरने की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया गया ताकि उन्हें ऐतिहासिक शहर बनारस के लोगों से रूबरू होने का मौका मिल सके. प्रवासी दिवस समारोह की व्यवस्था पर नजर रख रहे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आगंतुकों की यात्रा को यादगार बनाने के लिए बनारस में पर्याप्त इंतजाम किये गए हैं. 

होटल और टेंट सिटी के अलावा शहर के कई परिवारों ने अतिथि देवो भव: की भावना के साथ आने वालों को आतिथ्य सुविधा प्रदान करने की इच्छा प्रकट की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहमानों को ठहराने के लिए परिवारों को अनुमति देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

वाराणसी जिला प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि निशुल्क ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए सैकड़ों परिवारों को चुना गया है. एक ऐप्प भी बनाया गया है जिसपर इसके लिए पंजीकरण किया गया है. काशी के ये परिवार अतिथियों को खाना भी मुहैया कराएंगे.

प्रशासन ने कहा था कि वे परिवहन सुविधा के बारे में विचार करेंगे, लेकिन कुछ लोगों ने अतिथियों को एयरपोर्ट पर वाहन की सुविधा देने के प्रति भी उत्साह दिखाया है. विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के जरिए खुद को पंजीकृत कराने वाले आगंतुकों से उनके ठहरने को लेकर पसंद के बारे में पूछा गया और उनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने ‘काशी-वासियों’ की मेजबानी को तरजीह दी है.

अतिथियों को घर का बना खाना मिलेगा और उन्हें घर का माहौल भी मिलेगा. इसके अलावा वे बनारस की रोजमर्रा की गतिविधि से भी अवगत हो पाएंगे. इस साल प्रवासी दिवस मेहमानों के लिए अनूठा अनुभव लेकर आया है क्योंकि इसी वक्त प्रयागराज में कुंभ का आयोजन हो रहा है और गणतंत्र दिवस समारोह भी होना है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक कुल 5802 लोगों ने तीन दिवसीय आयोजन के लिए खुद को पंजीकृत कराया है . 

प्रवासी दिवस के बाद अतिथियों को 24 जनवरी को कुंभ मेला ले जाया जाएगा. वहां पर टेंट सिटी का भी निर्माण किया गया है. दूसरे देशों से आने वाले मेहमान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड का भी साक्षी बन पाएंगे.

ये है शेड्यूल
करीब 150 से अधिक देशों से पहुंचे प्रवासी भारतीय.

5 हजार से ऊपर प्रावसी भारतीय सम्मेलन में हो रहे हैंं शामिल.

प्रवासी भारतीय सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम में सीएम योगी अदित्यनाथ , विदेश मंत्री सुषमा स्वराज , विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह होंगे शामिल.

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री राजवर्धन सिंह राठौर और यूपी की एनआरआई मन्त्री स्वाति के अलावा प्रदेश के कई मन्त्री होंगे शामिल.

'नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' थीम पर आधारित इस आयोजन में पहले दिन युवा प्रवासियों के सफलता से युवा प्रेरणा लेंगे.

9.38 बजे स्वागत भाषण दन्यानेश्वर एम मुले, सचिव, विदेश मंत्रालय.

9.40 बजे संबोधन राज्य वर्धन सिंह राठौर, युवा व खेल राज्य मंत्री.

9.55 बजे संबोधन योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री यूपी.

10.10 बजे संबोधन हिमांशु गुलाटी, सांसद नार्वे.

10.30 बजे संबोधन कंवलजीत सिंह बक्शी, सांसद न्यूजीलैंड.

10.40 बजे संबोधन सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री.

11.05 बजेआभार ज्ञापन, सचिव युवा व खेल मंत्रालय.

11.30 बजे अधिवेशन, भारतीय युवा प्रवासियों संग संवाद.

11.30 बजे उप्र प्रवासी दिवस का डा. भीमराव आंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ालालपुर में उद्घाटन.

2.30 बजे युवा प्रवासी भारतीयों का बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन में संवाद.

6 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम.