एक नहीं, कई भाषाओं में तेज होगी बच्चों की जुबान, अब स्कूल में मिलेगा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ का भी ज्ञान

ट्राई-लैंग्वेज फॉर्मुला (Tri-Language Formula) लागू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा अधिनियम (Secondary education act) में संशोधन किया जाएगा. 

एक नहीं, कई भाषाओं में तेज होगी बच्चों की जुबान, अब स्कूल में मिलेगा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ का भी ज्ञान
प्रतीकात्मक तस्वीर.

लखनऊ: यूपी बोर्ड के बच्चों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अबसे यूपी बोर्ड के स्कूलों में बच्चे फ्रेंच, स्पैनिश, जर्मन जैसी विदेशी भाषाएं तो सीखेंगे ही, साथ ही भारतीय भाषाओं में तमिल, कन्नड़ और तेलुगु,आदि भी उन्हें सिखाई जाएंगी. जानकारी के मुताबिक, प्रयोग के तौर पर हर मंडल के जिला मुख्यालय के एक राजकीय इंटर कॉलेज से यह पहल शुरू की जाएगी. इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों में क्लास 6 से क्लास 12 तक एक सेक्शन इंग्लिश मीडियम का होगा. बता दें, नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया जाने वाला है. 

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सिखाई जाएंगी भारत की और भी भाषाएं
ट्राई-लैंग्वेज फॉर्मुला (Tri-Language Formula) लागू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा अधिनियम (Secondary education act) में संशोधन किया जाएगा. संशोधन के तहत इंग्लिश के अलावा और भी इंटरनेशनल भाषाएं, आधुनिक भारतीय और क्लासिकल भाषाएं बच्चों को सिखाई जाएंगी. इसके लिए पार्ट टाइम टीचर भी रखे जाएंगे. इसी क्रम में हर जिले के एक सरकारी माध्यमिक स्कूल में कई भारतीय भाषाएं जैसे बंगाली, पंजाबी, मराठी, आदि बच्चे सीख सकते हैं. हालांकि, प्राइमरी लेवल तक बच्चों को केवल मातृभाषा (Mother Tongue) या स्थानीय भाषाएं (Local Language) ही सिखाई जाएंगी.

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लाइब्रेरी में होगा शास्त्रीय भाषाओं का लिटरेचर
राज्य में अभी शास्त्रीय भाषाएं पढ़ने की सुविधा नहीं है. इसके लिए यह फैसला लिया गया है कि हर मंडल के एक राजकीय स्कूल की लाइब्रेरी में इन भाषाओं का साहित्य रखा जाएगा. साथ ही, इन्हें पढ़ाने के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल की व्यवस्था भी की जा सकती है. सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल 2021-22 में इसकी रिपोर्ट बनाएगा, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चों को भाषाओं के अध्ययन के लिए क्या सुविधाएं दी जाएंगी?

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एग्जाम पैटर्न में दिख सकते हैं बदलाव
माना जा रहा है कि अबसे एग्जाम में 30 मार्क्स के ऑप्शनल सवाल पूछे जाएंगे. इसके लिए बच्चों को ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं साइंस और होम साइंस में 50 प्रतिशत वह सवाल पूछे जाएंगे जो प्रैक्टिकल एक्टीविटी से संबंधित हों. बता दें, अभी तक 10 मार्क्स के मल्टी च्वॉइस, 10 मार्क्स के वेरी शॉर्ट और 30 मार्क्स के शॉर्ट सवाल पूछे जा रहे थे.

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