योगी सरकार ने पेश किया बजट, मदरसों को मॉडर्न बनाने के लिए दिए 459 करोड़

वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ 10 लाख रुपये का बजट पेश किया. बजट में 21 हजार 212 करोड़ 95 लाख की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं. 

योगी सरकार ने पेश किया बजट, मदरसों को मॉडर्न बनाने के लिए दिए 459 करोड़
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गुरुवार (07 फरवरी) को अपना तीसरा बजट पेश किया. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ 10 लाख रुपये का बजट पेश किया. यह बजट पिछले साल की तुलना में 12 फीसदी अधिक है. बजट पेश करने से पहले योगी कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्ताव पास किया गया. बजट में 21 हजार 212 करोड़ 95 लाख की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं. 

आगमी लोकसभा चुनाव को देखते हुए योगी सरकार ने हर वर्ग का ख्याल रखा है. वित्त मंत्री ने राजेश अग्रवाल ने अपने बजट भाषण में सबसे पहले प्रयागराज में चल रहे कुंभ का जिक्र किया. अवस्थापना के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस को शामिल किया गया, पूर्वांचल एक्सप्रेस के लिए 1194 करोड़, बुंदेलखंड एक्प्रेस के लिए 1000 करोड़, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे लिए 1000 करोड़, डिफेंस कॉरिडोर के लिए 500 करोड़, आगरा लखनऊ एक्प्रेस वे 6 लेन के लिए 100 करोड़, स्मार्ट सिटी योजना के तहत 758 करोड़ की व्यवस्था की गई है. जबकि स्वच्छ ग्रामीण मिशन के तहत 58 हजार 770 ग्राम पंचायत को शौच मुक्त कर दिया है.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए बजट में आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोजेक्ट मिशन के लिए 1298 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 291 करोड़, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लिए 111 करोड़ रुपये, प्रदेश के जनपदों में 100 शैया युक्त चिकित्सालयों की स्थापना के लिए 47 करोड़ 59 की व्यवस्था की गई.

आवास एवं शहरीय नियोजन के लिए बजट में अवस्थापना सुविधाओं के विकास संबंधी कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था कानपुर मेट्रो रेल परियोजना और आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 175-175 करोड़ों की दिए गए हैं. वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज और झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के प्रारंभिक कार्य के लिए 150 करोड़ की व्यवस्था की गई है जबकि दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ कॉरीडोर, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना के लिए 400 करोड़ दिए हैं.

बेसिक शिक्षा के लिए 18 हजार 485 करोड़ की व्यवस्था की गई है. ODOP के लिए 250 करोड़, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार के लिए 100 करोड़, ग्रामीण क्षेत्रो में गौ-शाला निर्माण केलिए 247 करोड़ 60 लाख रुपये  शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौ शाला, बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, दीनदयाल उपाध्याय डेरी योजना के लिए 64 करोड़, 10 हजार नई इकाइयां स्थापित होंगी. मथुरा में डेरी के लिए 56 करोड़,  उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति के लिए 5 करोड़ रुपये, दुग्ध संघों और समितियों के पुनर्गठन के लिए 93 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.  

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए इस समुदाय के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना के लिए 942 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. साथ ही अरबी फारसी मदरसों के आधुनिकरण के लिए 459 करोड़ की दिए हैं.

संस्कृति विभाग में मथुरा-वृंदावन के मध्य आडोटोरियम के निर्माण हेतु 8 करोड़ 38 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. सार्वजनिक रामलीला स्थलों में चारदीवारी निर्माण के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था की गई है जबकि वृंदावन शोध संस्थान के सुदृढ़ीकरण के लिए एक करोड़ दिए गए हैं. वहीं, बजट में कन्या सुमंगला योजना के तहत 1200 करोड़ पुष्टाहार के लिए, 4004 करोड़ आयुष्यमान भारत योजना के तहत 1298 करोड़ मंजूर किए, प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना के तहत 291 करोड़, आयुष्यमान योजना से वंचित लोगों को मुख्यमंत्री जानारोग्य अभियान के तहत 111 करोड़ का बजट दिया गया.

पर्यटन विभाग के लिए बजट में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित किए हैं. अयोध्या में प्रमुख पर्यटन स्थलों के समेकित विकास के लिए 101 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. गढ़मुक्तेश्वर के पर्यटक स्थलों की समेकित विकास के लिए 27 करोड़ की व्यवस्थ की गई है. पर्यटन नीति 2018 के क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपए और प्रो-पुआर टूरिस्ट के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था की गई है. 

वाराणसी में लहर तारा तालाब कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्म स्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित किया गया है. प्रयागराज में ऋषि भरद्वाज आश्रम का विकास किया जाना और लखनऊ में बिजली पासी किले का विकास किया जाना प्रस्तावित.