राम मंदिर निर्माण को लेकर VHP के पास है खास प्लानिंग, गांवों को साथ लेकर करेगी ये बड़ा काम

25 मार्च से लेकर 8 अप्रैल रामनवमी तक चलने वाले इस कार्यक्रम का नाम 'रामोत्सव' रखा गया है. देश के 2.75 लाख गांवों में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाएगी. राममंदिर आंदोलन के समय इन गांवों से मंदिर निर्माण के लिए शिलाएं आई थी.

राम मंदिर निर्माण को लेकर VHP के पास है खास प्लानिंग, गांवों को साथ लेकर करेगी ये बड़ा काम
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर वीएचपी करेगी बड़ा कार्यक्रम.

नई दिल्ली: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram temple) निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद का बड़ा कार्यक्रम करेगी. इस निर्माण से राम मंदिर (Ram temple) आंदोलन से जुड़े गावों को जोड़ा जाएगा. 25 मार्च से लेकर 8 अप्रैल रामनवमी तक चलने वाले इस कार्यक्रम का नाम 'रामोत्सव' रखा गया है. देश के 2.75 लाख गांवों में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाएगी. राममंदिर आंदोलन के समय इन गांवों से मंदिर निर्माण के लिए शिलाएं आई थी.

अब परिषद की कोशिश है इन गावों को भगवान राम के साथ सीधा जोड़ा जाए. ये कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर होंगे, जिसमें इन गांवों में भगवान राम की प्रतिमा लगाना या तस्वीर की पूजा अर्चना की जाएगी. शोभायात्रा निकाली जाएगी, जुलूस या फिर भजन कीर्तन का आयोजन होगा.

अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram temple) के लिए दलित पुजारी चाहता है विहिप
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram temple) बनाने के लिए केंद्र सरकार अभी ट्रस्ट गठित करने में जुटी है. इसी ट्रस्ट के जरिए पुजारियों का भी चयन होना है. विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि दलित पुजारी की नियुक्ति के जरिए सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश दिया जा सकता है. विहिप का यह भी कहना है कि मंदिर का निर्माण सरकार नहीं समाज के पैसे से होगा.

विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, 'अब ट्रस्ट आदि का काम सरकार को करना है. इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. यदि दलित पुजारी की नियुक्ति होती है तो स्वागत है. विहिप दलित पुजारियों को तैयार करने में लंबे समय से जुटा हुआ है. विहिप में धर्माचार्य संपर्क विभाग और अर्चक पुरोहित विभाग बनाकर काफी समय से अनुसूचित वर्ग के लोगों को पूजा-पाठ के लिए प्रशिक्षित कर पुजारी बनाने का अभियान चलाया जा रहा है.'

अतीत की बात करें तो राम मंदिर (Ram temple) आंदोलन से दलितों को जोड़ने के लिए संघ, विहिप जैसे संगठन शुरुआत से ही लगे हैं. नौ नवंबर, 1989 को जब राम मंदिर (Ram temple) का शिलान्यास हो रहा था तब पहली ईंट बिहार के दलित कार्यकर्ता कामेश्वर चौपाल के हाथों रखवाई गई थी. इसके जरिए राम मंदिर (Ram temple) आंदोलन के पीछे संपूर्ण हिंदू समाज के खड़ा होने का संदेश दिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, तीन महीने यानी नौ फरवरी तक केंद्र सरकार को राम मंदिर (Ram temple) निर्माण का ट्रस्ट बनाना है. विश्व हिंदू परिषद चाहता है कि ट्रस्ट में राजनीतिक लोग न शामिल रहे. फिर ट्रस्ट में कौन शामिल होगा? बंसल ने कहा, 'राम मंदिर (Ram temple) निर्माण आंदोलन को सफल बनाना संगठन का काम रहा. भगवान राम की कृपा और कोर्ट के फैसले से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. अब ट्रस्ट बनाना सरकार का काम है, सरकार को जो उचित लगे वह करे. वैसे भी यह संकल्पित सरकार है, इस नाते जो होगा सब अच्छा होगा.'

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