विकास एवं रोजगार सृजन एक बड़ी चुनौती: IMF

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि यद्यपि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन दुनिया भर के नीति निर्माताओं की प्राथमिकता बने हुए हैं, लेकिन इनका पूरा परिदृश्य एक बड़ी चिंता बना हुआ है।

वाशिंगटन : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि यद्यपि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन दुनिया भर के नीति निर्माताओं की प्राथमिकता बने हुए हैं, लेकिन इनका पूरा परिदृश्य एक बड़ी चिंता बना हुआ है।
गुरुवार को जारी एक दस्तावेज में आईएमएफ ने कहा, "2009 के बाद से वैश्विक आर्थिक विकास दर काफी कम है। इस साल यह लगभग 3.5 फीसदी रह सकती है। दुनिया भर में 20 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं। युवा बेरोजगारों और लम्बे समय से बेरोजगार रहे लोगों की संख्या अत्यधिक ऊंचे स्तर पर है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने दस्तावेज के हवाले से कहा है कि ऑर्गनाइजेशन फॉर इकॉनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के कई सदस्य देशों में पिछले दशकों में आय की असमानता बढ़ी है। कई अन्य देशों में भी यह बढ़ रही है। विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक समेकन की चुनौतियां आपस में जुड़ी हुई हैं।
वाशिंगटन स्थिति इस संस्था ने कहा है कि रोजगार सृजन और सामाजिक समेकन के लिए विकास आवश्यक है। दूसरी ओर समावेशी विकास के लिए और गरीबी तथा आय की असमानता कम करने के लिए रोजगार और श्रम बल में भागीदारी और खासकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी जरूरी है। (एजेंसी)