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कुछ भी हो फूलेंगे-फलेंगे चीन-पाक संबंध: ली

चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के आज दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचने के बाद शानदार स्वागत किया गया और उन्होंने पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ बातचीत की। ली ने आश्वासन दिया कि चीन के ‘‘भरोसेमंद’’ रणनीतिक भागीदार (पाकिस्तान) के साथ उसके संबंध फूलते.फलते रहेंगे और मजबूत होंगे, भले ही कुछ भी हो जाये।

इस्लामाबाद : चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के आज दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचने के बाद शानदार स्वागत किया गया और उन्होंने पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ बातचीत की। ली ने आश्वासन दिया कि चीन के ‘‘भरोसेमंद’’ रणनीतिक भागीदार (पाकिस्तान) के साथ उसके संबंध फूलते.फलते रहेंगे और मजबूत होंगे, भले ही कुछ भी हो जाये।
जरदारी द्वारा उनके सम्मान में दिये गये दोपहर भोज में ली ने कहा, ‘‘भले ही कैसी भी क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्थिति उत्पन्न हो, चीन पाकिस्तान के साथ अपनी सहयोग की रणनीतिक भागीदारी को विकसित एवं मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ मार्च में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले ली ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंध चीन सरकार की दृढ़ नीति है।
उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान को उसकी स्वतंत्रता, संप्रभुता एवं सीमाई अखंडता बरकरार रखने तथा राष्ट्रीय स्थिरत एवं विकास हासिल करने के उसके प्रयासों को मजबूती से सहयोग देना जारी रखेगा।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और कार्यवाहक प्रधानमंत्री मीर हजारखान खोसो ने इस्लामाबाद के समीप एक सैन्य एयरबेस पर ली की अगवानी की। ली को इस्लामाबाद नूर खान बेस पर 19 तोपों की सलामी और गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर तीनों सेनाओं के प्रमुख, प्रतिष्ठित नागरिक, सैन्य अधिकारी, राजनयिक और मंत्री मौजूद थे।
चीन के 57 वर्षीय प्रधानमंत्री ली के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आया है जिसमें विदेश मंत्री वांग यि, गोओ हशेंग :वाणिज्य मंत्री: और राष्ट्रीय विकास सुधार आयोग के अध्यक्ष शू शाओशी सहित कारपोरेट जगत के शीर्ष अधिकारी और नेता शामिल हैं। चीनी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चीन की सरकार एवं लोगों की ओर से मैं पाकिस्तान की सरकार एवं लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करता हूं और उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।’’ ली ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकारी यात्रा के लिए पाकिस्तान को इसलिए चुना ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भले ही जो भी हो, पाकिस्तान के साथ चीन के संबंधों का फलना.फूलना एवं मजबूत होना जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘चीन एवं पाकिस्तान भरोसेमंद रणनीतिक भागीदार हैं। राजनयिक संबंध कायम होने के बाद पिछले 62 वर्ष में हम दोनों देशो ने समानता एवं आपसी विश्वास पर आधारित राजनीतिक संबंध कायम किये हैं। हमारे में दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद आर्थिक सहयोग है तथा एक दूसरे के हितों से जुड़े मुद्दों पर हमारे बीच आपसी समझ एवं सहयोग मौजूद है।’’
चीन के प्रधानमंत्री ने अपने आगमन संदेश में कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है तथा उसने क्षेत्र एवं विश्व में शांति, स्थिरता एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध विभिन्न सामाजिक व्यवस्थाओं वाले देशों के एक दूसरे के साथ मित्रतापूर्ण ढंग से रहने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जरदारी ने पाकिस्तान की संप्रभुता, सीमाई अंखडता एवं स्वतंत्रता के लिए चीन के दृढ़ समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनी पहली यात्रा के लिए पाकिस्तान को चुनकर ली ने दोनों देशों के बीच समय की कसौटी पर खड़े उतरे संबंधों की गहराई को दिखा दिया है।
इससे पूर्व जरदारी एवं ली की राष्ट्रपति भवन में मुलाकात हुई। इसमें दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। जरदारी ने ली को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान ए पाकिस्तान’ से सम्मानित किया। ली को पाकिस्तान चीन के संबंधों को मजबूती देने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। ली की कल पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात होगी। (एजेंसी)