ब्रिटेन में बिदवे के हत्यारे को मिली उम्रकैद की सजा

भारत और ब्रिटेन में गहरी नाराजगी पैदा करने वाले अनुज बिदवे हत्याकांड में आज ब्रिटिश नागिरक किआरन स्टेपलटन को कम से कम 30 साल की कैद की सजा सुनाई गई।

लंदन : भारत और ब्रिटेन में गहरी नाराजगी पैदा करने वाले अनुज बिदवे हत्याकांड में आज ब्रिटिश नागिरक किआरन स्टेपलटन को कम से कम 30 साल की कैद की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के दौरान स्टेपलटन के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।
स्टेपलटन मुस्कुराते हुए आज मानचेस्टर क्राउन अदालत में पहुंचा और उसने अनुज बिदवे के परिवार के सदस्यों को घूरकर देखा। सजा सुनाए जाने के बाद उसे ले जाया गया। 21 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक को बिदवे की नृशंस हत्या के मामले की पांच सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद कल दोषी ठहराया गया था। उसे जो सजा सुनाई गई उसमें कम से कम 30 साल की कैद की सजा काटने के बाद ही उसके पेरौल पर विचार किया जाएगा।
न्यायधीश टिमोथी किंग ने स्टेपलटन से कहा, ‘तुम्हें तभी रिहा किया जाएगा जब तुम लोगों के लिए खतरा नहीं समझे जाओगे। मेरे हिसाब से तुमने आवेश में आकर ऐसा नहीं किया। यह सोचा-समझा हमला था।’ उन्होंने कहा कि स्टेपलटन ने बिदवे को गोली मारने के बाद और सुनवाई के दौरान भी मूखर्तापूर्ण ढंग से हंसकर सबसे क्रूर असम्मान प्रदर्शित किया।
उन्होंने कहा, ‘तुमने इस तरह अपने आप को दिखाया कि तुम्हें मिस्टर बिदवे की हत्या कर गर्व महसूस हो रहा है।’ न्यायाधीश किंग ने कहा कि स्टेपलटन ने वाकई दुष्ट कृत्य किया है और वह बहुत ही खतरनाक व्यक्ति है जिससे अन्य लोगों के लिए बहुत बड़ा जोखिम है। उल्लेखनीय है कि स्टेपलटन ने अपनी पहली पेशी में अपना नाम साइको स्टेपलटन कहा था।
नॉर्थ वेस्ट एरिया के लिए चीफ क्राउन प्रोस्युकुटर नजीर अफजल ने कहा, ‘पिछले साल बॉक्सिंग दिवस को तड़के अनुज बिदवे की हत्या एक भयावह अपराध था जिससे हम सभी स्तब्ध हो गए। यह बेहद दुखद था क्योंकि यह पूरी तरह नृशंस था।’ उन्होंने कहा कि अनुज के साथ उसका पूरा जीवन था और वह युवा एवं मेधावी छात्र था जो लंकास्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई में दिलचस्पी ले रहा था। (एजेंसी)