TISCO के पूर्व प्रमुख रूसी मोदी का निधन, राष्ट्रपति ने जताया शोक

टाटा आयरन स्टील कंपनी (टिस्को) के पूर्व अध्यक्ष रूसी मोदी का शनिवार रात यहां निधन हो गया। निकटवर्ती सू़त्रों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उद्योगपति रूसी मोदी के निधन पर आज शोक प्रकट किया और कहा कि उनकी उद्यमी क्षमताओं ने टाटा स्टील को शेष भारतीय उद्योग के लिए मानदंड बना दिया।

कोलकाता : टाटा आयरन स्टील कंपनी (टिस्को) के पूर्व अध्यक्ष रूसी मोदी का शनिवार रात यहां निधन हो गया। निकटवर्ती सू़त्रों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उद्योगपति रूसी मोदी के निधन पर आज शोक प्रकट किया और कहा कि उनकी उद्यमी क्षमताओं ने टाटा स्टील को शेष भारतीय उद्योग के लिए मानदंड बना दिया।
राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में कहा, प्रतिष्ठित हस्ती और प्रसिद्ध उद्योगपति मोदी अपनी दृष्टि, कठोर परिश्रम, प्रतिबद्धता और भारतीय इस्पात उद्योग के लिए अपने जबर्दस्त योगदान के लिए जाने जाते थे। मोदी की उद्यमी क्षमताओं ने टाटा स्टील को शेष भारतीय उद्योग के लिए मानदंड बनाया। राष्ट्रपति ने कहा कि मोदी को 1989 में भारतीय उद्योग के लिए उनके अनुकरणीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। मुखर्जी ने कहा, मोदी के गुजरने से राष्ट्र ने एक कद्दावर शख्सियत को खो दिया है जिनके मानवीय स्पर्श ने उन्हें सबका चहेता बना दिया।
मोदी 96 वर्ष के थे और तड़क भड़क की जिंदगी पसंद करने वाले थे। वह 1984-मार्च 1993 तक टिस्को के अध्यक्ष थे। उनकी मुत्यू दक्षिण कोलकाता में अलीपुर स्थित घर में हुई। उनका जन्म बंबई प्रेसीडेंसी में एक पारसी परिवार में 17 जनवरी 1918 को हुआ था। उनकी शिक्षा हैरो में हुई और लंदन के क्राइस्ट कॉलेज से उन्होंने स्नातक किया। वह वर्ष 1939 में टिस्को में नियुक्त हुए और बाद में उसके अध्यक्ष बने।
अपनी सेवानिवृति के बाद वह एयर इंडिया और पूववर्ती इंडियन एयरलाइंस के संयुक्त अध्यक्ष बने। उन्होंने कोलकाता को अपना घर बनाया और वहां अकेले रहते थे। रूसी मोदी के निधन पर बंगाल चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने शोक जताया है। रूसी मोदी का असली नाम होमूसजी मोदी था तथा उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें लोग रूसी मोदी कह के ही संबोधित करते थे।
टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा उनको बड़ा मान सम्मान देते थे। टाटा ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, रूसी मोदी टाटा स्टील में एक संस्था के समान थे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने बड़ी तरक्की की और उन्होंने मानव संसाधन के क्षेत्र में कई पहल की थी। उनके पूरे कार्यकाल में कर्मचारियों ने उनका बड़ा सम्मान किया। उन्होंने जीवन को पूरे अंदाज में और जोरदार तरीके से जीया। उनके मित्र उन्हें हमेशा याद करेंगे।
टाटा समूह के चेयरमैन सायरस मिस्त्री ने कहा, वह दिग्गज व्यक्ति थे और उन्होंने टाटा स्टील को देश की सबसे प्रतिष्ठित कंपनियों में स्थान दिलाया। उनकी सोच बड़ी व्यापक थी। वह कारोबार की श्रेष्ठता, सामाज के प्रति जिम्मेदारी और व्यक्त्यिों का सम्मान करने वाले थे।