आपकी सेहत और स्वच्छता का आईना है जीभ

हमारे शरीर में खुद को सेहतमंद रखने में जीभ का भी रोल अहम है जिसे कुछ लोग नजरअंदाज करते है। अगर उसकी जीभ पर मोटी सफेद पर्त दिखाई दे निश्चित ही यह उसके लिए बहुत बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली: हमारे शरीर में खुद को सेहतमंद रखने में जीभ का भी रोल अहम है जिसे कुछ लोग नजरअंदाज करते है। अगर उसकी जीभ पर मोटी सफेद पर्त दिखाई दे निश्चित ही यह उसके लिए बहुत बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।
दांतों में ब्रश करना जितना महत्वपूर्ण है, जीभ को स्वच्छ रखना भी उतना ही जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक जीभ साफ करने से पहले टंग क्लीनर को साफ कर लेना चाहिए। टंग क्लीनर से जीभ पर बहुत दबाव नहीं डालना चाहिए, तथा दो से तीन बार हल्के हाथों से जीभ की सफाई करनी चाहिए। अपने मुंह में हानिकारक जीवाणुओं को पनपने से रोकने के लिए जीभी (टंग क्लीनर) का प्रयोग अवश्य करें।
मुंह से संबंधित बीमारियों की विशेषज्ञ सोनाली बस्सी के हवाले से कहा कि गाढ़े रंगों वाला खाद्य पदार्थ खाने से भी जीभ का रंग परिवर्तित हो जाता है। हल्दी, काले अंगूर, जामुन या इसी तरह के गहरे रंग वाले खाद्य पदार्थ खाने से आपके जीभ का रंग बदल सकता है। लेकिन यह इतना हानिकारक नहीं होता, तथा टंग क्लीनर की सहायता से आसानी से साफ किया जा सकता है। धातु या प्लास्टिक से बने टंग क्लीनर का उपयोग किया जा सकता है। कई कंपनियां इस तरह का ब्रश भी बनाती हैं जिसके पिछले हिस्से का उपयोग जीभ को साफ करने के लिए किया जा सकता है।
जीभ साफ करने के लिए ब्रश के पिछले हिस्से का उपयोग सुरक्षित है, लेकिन ब्रश वाले हिस्से से ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि सामान्य ब्रश की अपेक्षा जीभ साफ करने की सुविधा से युक्त ब्रश कहीं प्रभावी होते हैं। जीभ को स्वच्छ रखने का दूसरा सबसे बेहतर उपाय है माउथवॉश का उपयोग करना। मुंह को नमक के पानी से धोकर भी स्वच्छ रखा जा सकता है। आधे गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालें। इस पानी से अपने मुंह को दिन में पांच से छह बार धोएं।
जीभ पर खाने के बाद जमा गंदगी कई तरह के रोगों को जन्म दे सकती है। कई बार जीभ के गंदे होने के कारण डिहाइड्रेशन की शिकायत भी हो सकती है। इसलिए घर से निकलते हुए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि चेहरे और दांतों के साथ-साथ आपकी जीभ का भी स्वच्छ रहना बेहद जरूरी है।