30 घंटे लगातार काम करने से कॉपीराइटर की थम गई सांसें

मेहनत करने से कोई नहीं मरता, लेकिन लंबे समय तक काम करने से मौत हो सकती है। कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में जहां एक युवा कॉपीराइटर की 30 घंटों तक लगातार काम करने के दौरान उसकी मौत हो गई। इ

ज़ी मीडिया ब्यूरो
जकार्ता: मेहनत करने से कोई नहीं मरता, लेकिन लंबे समय तक काम करने से मौत हो सकती है। कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में जहां एक युवा कॉपीराइटर की 30 घंटों तक लगातार काम करने के दौरान उसकी मौत हो गई। इन 30 घंटों के दौरान वह नहीं सोई लेकिन उसके बाद हमेशा के लिए सो गई।
14 दिसंबर को मिता डाइरेन को ट्वीटर से एक शिकायती संदेश मिला, जिसमें 30 घंटों तक लगातार काम करने और उसे जारी रखने का जिक्र था। टि्वटर से संदेश मिलने के कुछ ही समय बाद डाइरेन की तबीयत खराब हो गई और उसके अगले दिन उनकी मौत हो गई।
मिता के सहकर्मियों ने लंबे समय तक काम करने की वजह को उसकी मौत का कारण बताया है। गौर हो कि 24 वर्षीय मिता की मौत से सात महीने पहले ओगिल्वी के पीआर स्टॉफ की हॉर्ट अटैक से डेस्क पर ही मौत हो गई थी।
उसके सहयोगियों के मुताबिक मिता, मीठी मुस्कानों वाली एक प्रतिभाली कॉपीराइटर थी और वो हमेशा हमारे दिलों में रहेगी। डाइरेन मिता के टि्वटर अकाउंट पर कमेंट्स की बारिश हो रही है। लोग काम करने की शर्तो और घंटों की आलोचना कर रहे हैं।