सावधान: इस बार पड़ेगी ऐसी ठंड, टूट जाएंगे पुराने सारे रिकॉर्ड

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान लगया है कि इस साल कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है. इतनी ठंड आपने इससे पहले कभी बर्दाश्त भी नहीं की होगी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Nov 20, 2020, 17:35 PM IST

नई दिल्ली: इस साल कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है. साथ ही पूरे देश में तापमान भी बीते कई सालों की अपेक्षा काफी कम रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ऐसे अनुमान लगाए हैं. दरअसल, इस साल ला नीना (La Nina) की स्थिति बन रही है. इस वजह से न केवल ठंड ज्यादा पड़ेगी, बल्कि अधिक समय तक खिंचेगी भी. जानिए, आखिर क्या है यह ला नीना, जिसकी वजह से मौसम में इतना बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.

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क्या है ला नीना

What Is La Nina

ला नीना ग्लोबल जलवायु प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ये शब्द स्पैनिश भाषा का है, जिसका मतलब एक छोटी बच्ची होता है. पूर्वी महासागर क्षेत्र की सतह पर निम्न हवा का दबाव होने पर ऐसी स्थिति पैदा होती है, जिससे समुद्री सतह का तापमान काफी कम हो जाता है.

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ला नीना ग्लोबल जलवायु

La nina

इसका सीधा असर दुनियाभर के तापमान पर होता है और वो भी औसत से ठंडा हो जाता है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ला नीना नौ महीने से लेकर सालभर तक हो सकता है. 

 

 

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उत्तरी हिस्से में जोरदार ठंड

Severe cold in the northern part

इस साल देश के उत्तरी हिस्से में जोरदार ठंड होगी. साथ में शीतलहर की आशंका भी जताई जा रही है. इसके आने से दुनियाभर के मौसम पर असर दिखता है और बारिश, ठंड, गर्मी सबमें फर्क दिखाई देता है. वैसे राहत की बात यह है कि ये दोनों ही हालात हर साल नहीं, बल्कि 3 से 7 साल में दिखते हैं.

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तापमान में गिरावट

Temperature Parameter

देश में ठंड, बहुत अधिक ठंड और कड़ाके की ठंड तय करने के लिए मौसम विभाग ने कुछ पैमाने तय कर रखे हैं. अगर दिन में अधिकतम तापमान, सामान्य तापमान से 4.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहता है, तो ऐसे दिन को सर्द दिन कहते हैं. वहीं अगर अधिकतम तापमान, सामान्य तापमान से 7 से 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है तो इसे कड़ाके की ठंड कहते हैं.