कोलकाता: सौरव गांगुली की छवि हमेशा से दबंग और कड़े निर्णय लेने वाले शख्स की रही है. सौरव की यह छवि अब बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष के तौर पर भी दिख रही है. भारतीय टीम ने सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के एक महीने के भीतर ही अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेला. यह तो जैसे बदलाव की शुरुआत भर है. अभी बोर्ड में कुछ और नई चीजें दिखने वाली हैं. इनमें से एक सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) की की बोर्ड की क्रिकेट सलाहकार समिति (क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी) में वापसी है. 

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बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी(सीएसी) में जल्द वापसी हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘सचिन और लक्ष्मण सीएसी (CAC) में वापस लाए जाएंगे. अब सौरव गांगुली बोर्ड के अध्यक्ष हैं और इसलिए वे इस कमेटी में नहीं रह सकते.’

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माना जा रहा है कि बीसीसीआई रविवार को अपने वार्षिक महासभा (AGM) में कई बदलाव सुझाए जा सकते हैं. इनमें बीसीसीआई पदाधिकारियों के कार्यकाल से जुड़ा कूलिंग पीरियड का नियम शामिल है. पदाधिकारियों की अधिकतम उम्र सीमा भी 70 साल से अधिक की जा सकती है. इसी एजीएम में क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी से जुड़े बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है.


 
बता दें कि बीसीसीआई की पहली क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण थे. इसी तीन सदस्यीय कमेटी ने पिछले साल हितों के टकराव के आरोपों के बाद महिला क्रिकेट टीम का कोच चुनने से इनकार कर दिया था. इसके बाद कपिल देव की अध्यक्षता में नई सीएसी गठित की गई थी. 

कपिल देव की अध्यक्षता वाली सीएसी ने इस साल भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया था. इसी कमेटी ने पिछले साल महिला टीम के कोच के तौर पर डब्ल्यूवी रमन का चयन किया था.