गरुण पुराण

जब स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने बताया, कैसे होते हैं प्रेत

पितृ पक्ष का समय चल रहा है. ऐसे में गरुड़ पुराण का वाचन या श्रवण करना सभी पापों से मुक्ति देने वाला होता है. यह पुराण भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त और वाहन गरुड़ जी को सुनाया था. इसी में एक प्रसंग आता है, जब भगवान बताते हैं कि प्रेत कैसे होते हैं और उनका आचरण कैसा होता है.   

Sep 4, 2020, 05:48 PM IST

एक मंत्र से मृत व्यक्ति जीवित, ग़रीबी दूर, गरुण पुराण की 11 बात

गरुण पुराण के बारे में कई भ्रांतियां हैं। जैसे कहा जाता है कि गरुण पुराण, सिर्फ मृत्यु के समय पढ़ा जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है। गरुण पुराण में कई ऐसे अचूक उपाय हैं, जिसके बारे में कम लोग जानते हैं। संजीवनी विद्या उन्हीं में से एक है। इस विद्या में, मृत व्यक्ति को, जीवित करने का तरीका बताया गया है। 

Oct 1, 2015, 05:16 PM IST

आत्मा शोर करती है, 47 दिन में यमलोक यात्रा, गरुण पुराण में आत्मा की स्थिति का वर्णन

मृत्यु जीवन का सत्य है लेकिन एक सत्य, मृत्यु के बाद शुरु होता है। इस सच के बारे में, बहुत कम लोग जानते हैं। क्या वाकई, मृत्यु के समय व्यक्ति को कोई दिव्य दृष्टि मिलती है? आखिर मृत्यु के कितने दिनों बाद, आत्मा यमलोक पहुंचती है? गरुण पुराण में, भगवान के वाहन गरुण, श्रीहरि विष्णु से मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति को लेकर प्रश्न उठाते हैं। वह पूछते हैं कि मृत्यु के बाद, आत्मा कहां जाती है? इसका उत्तर भगवान विष्णु ने, गरुण पुराण में दिया है। गरुण पुराण में, मृत्यु के पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताया गया है। 

Oct 1, 2015, 04:10 PM IST