क्या हो सकता है सोरेन मंत्रिमंडल का स्वरुप

हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का एक प्रारूप तो खुद हेमंत सोरेन तय करेंगे लेकिन मंत्रिमंडल के संभावित चेहरों की एक तस्वीर मीडिया ने भी खींची है, आइये देखते हैं..  

क्या हो सकता है सोरेन मंत्रिमंडल का स्वरुप

रांची. झारखण्ड विधानसभा का नया मंत्रिमंडल किस तरह का होगा, कौन से नए चेहरे शामिल होंगे और कितने पुराने लोग होंगे और किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं, आदि तमाम सवाल हैं जिनके जवाब आपको यहां मिल सकते हैं. 

जेएमएम को मिलेगा लायंस शेयर 

कोई शक नहीं, बड़ा तीर मारा है इस आर जेएमएम ने. पहली बार ऐसा हुआ है कि राज्य के गठन के 19 साल बाद चुनाव पूर्व बना एक गठबंधन बहुमत के पूरे जादुई आंकड़े को पार कर गया. पहली बार ही यहां के चुनावों में दो बड़े नामों, रघुबर दास और हेमंत सोरेन के बीच हुई टक्कर ने विपक्षी सोरेन को यदि जीत दी तो सीएम रघुवर को मात. जेएमएम को अपनी दम पर मिली हैं तीस सीटें भी.  ज़ाहिर है जेएमएम को ही मुख्यमंत्री पद के साथ मिल सकती हैं छह मंत्री पद.  

शामिल हो सकते हैं ये नए चेहरे 

हेमंत सोरेन सरकार का रास्ता तो साफ़ हो गया है. अब देखने वाली बात ये होगी कि नई सरकार में शामिल नए चेहरे क्या होंगे. देखा जाए तो झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 मंत्री ही हो सकते हैं. ऐसे में झारखंड मुक्ति मोर्चा के आठ और कांग्रेस के आठ-आठ नए एमएलए मंत्रिपद की दौड़ में होंगे. किन्तु नए चेहरे होने के नाते दबाव बनाने की स्थिति में वे नहीं होंगे. कांग्रेस से रामेश्वर उरांव, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह, ममता देवी, दीपिका पांडेय सिंह, सोनाराम सिंकू, राजेश कच्छप, भूषण बाड़ा आदि वो नाम हैं जो पहली बार एमएलए बने हैं. इनमें शामिल चारों महिलाओं में से एक के मंत्री बनने की संभावना है.  

 

क्या मिलेगा कांग्रेस को 

इस बार प्रदेश चुनाव में कांग्रेस ने भी 16 सीटों के साथ अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. मुख्यमंत्री न सही, चार मंत्रियों सहित कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष का पद तो मिल ही सकता है जो कि उसके लिए प्रतिष्ठाजनक है. चार महिलाओं वाले आठ एमएलए चेहरों में अम्बा प्रसाद, दीपिका सिंह, पूर्णिमा सिंह और ममता देवी में से एक को मंत्री पद मिलना तो तय है. कांग्रेस की तरफ से आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, राजेन्द्र प्रसाद सिंह का नाम मंत्रीपद के लिये लगभग तय है. 

जेवीएम व राजद के हिस्से में क्या होगा  

राजद की बात करें तो जैसा कद है पार्टी का वैसी ही जीत भी उसे मिली है उसे झारखंड चुनावों में. एक सीट पाने वाले राजद को अपनी डूबती नैया के बारे में ज्यादा सोचना होगा, मंत्रिमंडल में बड़ा पद पाने की दिशा में तो बिलकुल ही नहीं. इस बार जो एक मंत्री पद मिलेगा बहुत है. जेवीएम को भी एक मंत्री पद के साथ संतोष करना पड़ेगा.