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प्रदूषण से डायवर्ट हुईं 37 उड़ानें, केंद्र ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

प्रदूषण से दिल्ली एनसीआर में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. दिल्ली के बाद अब गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद ने भी 5 नवंबर तक स्कूलों की छुट्टी कर दी है. वहीं केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले पर सक्रिय हो गई है. दिल्ली सरकार कल से ऑड-ईवन की योजना को लागू करने जा रही है. इससे सड़क पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा. 

प्रदूषण से डायवर्ट हुईं 37 उड़ानें, केंद्र ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

नई दिल्लीः प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार भी हरकत में आई है. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने रविवार को इस मुद्दे पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई है. मीटिंग में दिल्ली के अधिकारियों के अलावा पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारों के अधिकारी भी विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ेंगे. प्रदूषण की वजह से जहां राजधानी दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी घोषित है, वहीं पूरे दिल्ली-एनसीआर में सभी स्कूल 5 नवंबर तक के लिए बंद कर दिए गए हैं. रविवार को स्मॉग की वजह से एयर ट्रैफिक भी प्रभावित हुई है. दिल्ली से करीब 37 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा.

डॉक्टरों ने दी है प्रदूषण से बचने की सलाह
खस्ताहाल-बदहाल मौसम को देखते हुए डॉक्टरों ने इससे हर संभव बचने की हिदायत दी है. हृदय, सांस, दमा जैसी बीमारियों के मरीजों को इससे बचने की खास जरूरत है. प्रदूषण के खतरनाक स्तर के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने सुबह की सैर और बच्चों ने शाम को खेलकूद बंद कर रखा है. इसके अलावा भी लोगों से कहा गया है कि जबतक बेहद जरूरी न हो तब तक बाहर न निकलें. दिल्ली सरकार ने पहले ही स्कूलों को 5 नवंबर तक बंद कर रखा है. वहीं नोएडा-गाजियाबाद और फरीदाबाद-गुड़गांव प्रशासन ने भी 5 नवंबर तक स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी है. एनसीआर के सभी शहरों में यह आदेश 12वीं तक के स्कूलों पर लागू है. प्रदूषण से दिल्ली एनसीआर में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. दिल्ली के बाद अब गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद ने भी 5 नवंबर तक स्कूलों की छुट्टी कर दी है. वहीं केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले पर सक्रिय हो गई है.

कल लागू हो रहा है ऑड-ईवन
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 4 नवंबर से ऑड-ईवन योजना को लागू करने जा रही है. इसके तहत कल से राजधानी की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या को नियंत्रित किया जाएगा. प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 और पीएम 10 के कण पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों के धुएं के कारण अधिक निकलते हैं. इसकी वजह से प्रदूषण जमने लगता है. इस समय हवा की गति मंद होने के कारण भी यह प्रदूषण दिल्ली के वायुमंडल में जमा हुआ है. जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है.