Delhi: इस अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से बनाया गया कोविड वॉर्ड

कोरोना का नया स्ट्रेन बच्चों को भी संक्रमित कर रहे है. इसे देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली के एक अस्पताल बच्चों के लिए अलग से कोरोना वार्ड बनाया गया है.

Written by - Harsha Chandwani | Last Updated : Apr 13, 2021, 07:16 PM IST
  • दिल्ली में बच्चों के लिए अलग से कोविड वार्ड
  • बच्चों को संक्रमित कर रहा है कोरोना का नया स्ट्रेन
Delhi: इस अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से बनाया गया कोविड वॉर्ड

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का नए स्ट्रेन बच्चों को संक्रमित (Corona Virus in Children) कर रहा है, जो वाकई डराने वाली बात है. कोरोना संक्रमितों की तादाद लगातार बढ़ रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि वायरस के न्यू स्ट्रेन्स पहले के मुकाबले अधिक संक्रामक है. यही वजह है कि इस बार बच्चों को भी ये वायरस अपना शिकार बना रहा है.

बच्चों के लिए अलग से कोविड वॉर्ड

दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से कोविड वॉर्ड बनाया गया है, आपको बता दें कि पूरे दिल्ली में ये एक अकेला अस्पताल हैं जिसमें बच्चों के लिए अलग से कोविड वॉर्ड की व्यवस्था हैं.

अगर अस्पताल प्रशासन की माने तो कई जगहों से बच्चों में कोरोना के लक्षण को लेकर अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी (Emmergency) में फोन आ रहे हैं, लिहाजा दूसरे स्ट्रेन में बच्चों में तेजी से म्यूटेट हो रहे वायरस को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बच्चों के लिए अलग आईसीयू बनाने का फैसला लिया.

गंगाराम अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने ज़ी हिन्दुस्तान से खास बात करते हुए कहा कि 'सर गंगाराम अस्पताल सहित 14 अस्पताल को पूर्ण रूप से Covid-19 अस्पताल घोषित कर दिया है. इन अस्पतालों में अब सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज होगा. दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज अब इन अस्पतालों में नहीं हो सकेगा. साथ ही जहां तक बच्चों की बात हैं हमने वॉर्ड नंबर 8 खास बच्चों के लिए रखा हैं, लेकिन ये दूसरा स्ट्रेन फ़िलहाल जितना घातक बड़ों में हैं उतना बच्चों में नहीं हैं.'

चुनावी रैलियों से भी फैल रहा इन्फेक्शन

डॉ. धीरेंद्र ने ये भी कहा कि 'अभी जिस तरह लोगों में डर खत्म हो गया है, कोरोना को लेकर लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं. तमाम नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं, रैलियों में से भी भरी संख्या में लोग भारी संख्या में इन्फेक्ट हो रहे हैं. ये भी इन्फेक्शन के फैलने का कारण हैं.'

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उन्होंने कहा कि 'वायरस का असर पहले स्ट्रेन में चार दिन के इन्फेक्शन के बाद कम हो जाता था और पहले स्ट्रेन में 50 प्लस लोगों के लिए सबसे खतरनाक था लेकिन अब दूसरा स्ट्रेन युवाओं को बहुत बीमार कर रहा हैं और उनमें इन्फेक्शन का पर्सेंटेज बहुत हाई है, लिहाज़ा पहले से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं.'

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