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क्या सचमुच काले खजाने के मालिक हैं 'कल्कि भगवान' ?

आयकर विभाग ने तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में एक वेलनेस ग्रुप के 40 स्थानों पर छापेमारी की. कार्रवाई में ग्रुप के 500 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला है. विभाग ने शुक्रवार को अपने जारी बयान में कहा है कि 16 अक्टूबर से चली तीन दिन की छापेमारी में भारी मात्रा में विदेशी मुद्राएं और आभूषण भी मिले हैं. जिस वेलनेस ग्रुप की संपत्तियों पर छापेमारी हुई है बताया जा रहा है कि उसके मालिक आध्यात्मिक गुरू कल्कि महाराज हैं.

क्या सचमुच काले खजाने के मालिक हैं 'कल्कि भगवान' ?

बेंगलुरूः आयकर विभाग ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में एक वेलनेस ग्रुप से जुड़ी कई कंपनियों में छापेमारी की और 500 करोड़ तक की अघोषित संपत्ति का पता लगाया है. उनकी ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया है कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 40 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जो बेंगलुरू समेत चेन्नई व वरदैयापालम जैसे बड़े शहरों में हैं. यह सारे ठिकाने दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु से संबंधित हैं और आशंका जताई जा रही है कि वह कल्कि महाराज हैं.

छापे में मिली 500 करोड़ की संपत्ति

16 अक्टूबर से शुरू हुई इस छापेमारी में 40 से अधिक स्थानों पर कार्रवाई की गई. इस दौरान 18 करोड़ मूल्य की विदेशी मुद्राएं बरामद हुईं. 88 किलोग्राम के सोने-चांदी के जेवरात मिले हैं, जिनकी कीमत लगभग 26 करोड़ रुपये आंकी गई है. 1271 कैरेट के हीरे भी मिले हैं, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी गई है. सबसे बड़ी बात, कार्रवाई करने गई टीम की आंखें उस वक्त चौंधियां गईं जब उन्हें एक बॉक्स में 93 करोड़ रुपये भरे मिले. इतनी बड़ी संपत्ति मिलने के बाद अभी छापेमारी की कार्रवाई जारी है. 

कहां से आई इतनी संपत्ति


छापा मारने वाली टीम का कहना है कि ग्रुप ने भारत के साथ-साथ चीन, अमेरिका, सिंगापुर, यूएई जैसे देशों की कंपनियों में निवेश कर रखा है. यह समूह आध्यात्मिकता के नाम पर मिले दान की रकम में हेरफेर करता रहा है, साथ ही इसी आधार पर कई 
बेनामी संपत्तियां भी खरीदी हैं. इसके अलावा समूह की ओर से रियल एस्टेट में भी काफी निवेश किया गया और टैक्स को छिपाया गया है.

इसलिए आ रहा है कल्कि 'भगवान' का नाम

दरअसल, आयकर विभाग की ओर से जिस वेलनेस ग्रुप में छापेमारी की गई है, वह एक आध्यात्मिक आश्रम है. यहां दर्शन व आध्यात्म के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के आवासीय परिसर हैं. बताया जा रहा है कि यह इंस्टीट्यूट कल्कि भगवान की ओर से चलाया जा रहा है. इसके साथ ही उनके बेटे एनएम कृष्णा भी चेन्नई, वरदैयापालम और बेंगलुरू में ऐसे आश्रम चला रहे हैं.