लोहे की तरह आवाज करने वाला अद्भुत पत्थर

मध्य प्रदेश के रतलाम में एक खास स्थान हैं. यहां पर अम्बे माता का मंदिर स्थित है. जिनकी चमत्कारी शक्तियां यहां के एक पत्थर पर दिखाई देती हैं. इस पत्थर पर जब दूसरा पत्थर टकराया जाता है तो उससे लोहे के टकराने जैसी आवाज आती है. खास बात ये है कि यहां के हजारो पत्थरों में से सिर्फ एक ही पत्थर में ये खासियत पाई जाती है. 

लोहे की तरह आवाज करने वाला अद्भुत पत्थर
रतलाम जिले में है रहस्यमय चमत्कारी पत्थर

रतलाम: मध्य प्रदेश के इस इलाके में प्राचीन अम्बे माता का मंदिर है. जहां जाने के लिए किसी तरह का पक्का रास्ता अब तक नहीं है.  इस मंदिर में मां भगवती की पुरातन प्रतिमा है. 

सिर्फ गांव वालों को ही है जानकारी
इस मंदिर के बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं है. सिर्फ स्थानीय ग्रामीण ही इस मंदिर की महिमा के बारे में जानते हैं. ये मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है. जहां जाने का कोई पक्का रास्ता नहीं है. यहां सिर्फ कच्चे रास्ते से ही पहुंचा जा सकता है. जो कि खड़ी चढ़ाई पर है. यह बेरछा गांव के इलाके में पड़ता है. पहाड़ी के शिखर पर ये मंदिर स्थित है. यह एक सुनसान पथरीला पहाड़ है. जिसके बाहर भैरव नाथ की प्रतिमा और अंदर में अम्बे माता की प्राचीन प्रतिमा स्थित है. इस मंदिर में बेरछा और डीकवा गांव के कुछ लोग ही आते है. हालांकि मंदिर में एक पुजारी माता की सेवा के लिए नियुक्त है. 

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संत का है समाधिस्थल 
गांव के लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक ये मंदिर बेहद प्राचीन है. उनका कहना है कि पहाड़ी पर स्थित अंबे माता का यह मंदिर साढे तीन सौ सालों से अधिक पुराना है. गांव के बुजुर्ग लोगों के मुताबिक इस मंदिर के पीछे एक संत की समाधि भी है जो प्राचीन समय में यहां मां अम्बे की उपासना करते थे. साल 1964 में उनकी मृत्यु हो गई. जिसके बाद मंदिर के पीछे उनकी समाधि बना दी गई. उनकी मृत्यु के बाद काफी समय यह जगह वीरान ही रही. लेकिन बाद में गांव के लोगो ने इस जगह पर एक छोटा सा मन्दिर बनाया और इस पहाड़ी पर आने जाने का कच्चा रास्ता तैयार किया गया.

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मंदिर से थोड़ी दूर पर है पत्थर
बेरछा गांव के प्राचीन अंबे माता मंदिर से थोड़ी ही दूर पर वह विचित्र पत्थर है. जिसे बजाने पर उसमें से धातु की तरह टन टन की आवाज आती है. ये किसी चमत्कार से कम नही है. हालांकि ये पूरी पहाड़ी पत्थरों से भरी हुई है. लेकिन उसमें एक ही पत्थर खास है. जो कि धातु की तरह आवाज करता है. 

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सबसे अलग है बजने वाला ये पत्थर
गांव वालों ने बताया कि यह अनोखा पत्थर पता नहीं कब से यहां पर मौजूद है. खास बात ये है कि इस पत्थर को ठोंकने से उसमें से घंटी जैसी आवाज आती है. जबकि उस पहाड़ी पर हजारों पत्थर मौजूद हैं. लेकिन किसी भी दूसरे पत्थर से ऐसी आवाज नहीं आती है. स्थानीय युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर इस करामाती पत्थर का वीडियो शेयर किया गया था. जिसके बाद ज़ी मीडिया की टीम इस पत्थर की तलाश में बेरछा गांव पहुंची थी. 

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पत्थर का रहस्य है अब तक अनसुलझा 
इस घंटी या किसी धातु की तरह बजने वाले पत्थर का रहस्य अब तक सुलझाया नहीं जा सका है. इस पत्थर को देवी चमत्कार मान जाता है. हालांकि कुछ लोग इस पत्थर में धातु की मात्रा अधिक होने की बात कहते हैं. लेकिन अगर ऐसा है तो इस इलाके में बिखरे दूसरे पत्थरों से भी ऐसी ही आवाज आनी चाहिए थी. लेकिन यहां बजने वाला ये पत्थर एक ही है. इस पत्थर को देखने आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.  अब तो ग्रामीणों ने इस पत्थर की पूजा भी शुरू कर दी है और यहां पर एक ध्वज भी लगा दिया गया है.