गरीब देश के अय्याश राजा की 15 शादियां और अब उड़ाए बीवियों पर करोड़ो रुपए

आपने कभी किसी अय्याश राजा की कहानी सुनी है जिसके खजाने हो न हो लेकिन अपने जरूरतों पर खर्च करने को साधन रहते ही हैं. सुना ही होगा लेकिन कहानियों में ही जो कई बार तो काल्पनिक होती हैं. लेकिन इस बार ऐसी ही एक कहानी है एक गरीब देश के अमीर राजा की जिसने अपनी पत्नियों के ऊपर करोड़ों रुपए उड़ा दिए.   

गरीब देश के अय्याश राजा की 15 शादियां और अब उड़ाए बीवियों पर करोड़ो रुपए

नई दिल्ली: यह कहानी है अफ्रीका के स्वाजीलैंड की जहां के राजा का नाम है इस्वातिनी. राजा जिस जगह के सिरमौर हैं वहां की तकरीबन 60 फीसदी जनता गरीबी रेखा के नीचे है. उस देश की जनता को दो वक्त की रोटी भी बमुश्किल नसीब होती है. लेकिन वहीं राजा ने अपनी पटरानियों पर 119 करोड़ रुपए तक खर्च कर दिए. राजा के अय्याशी का यह आलम है कि वह शानदार जीवन जीते हैं और मात्र 15 पत्नियां साथ रखते हैं.  

जन्मदिन पर देश का नाम ही बदल दिया

स्वाजीलैंड के राजा इस्वातिनी की 1434 करोड़ की संपत्ति है.  निजी जेट की छोड़िए खुद के लिए हवाई अड्डे तक का प्रबंध है. राजा इस कद्र के मनमौजी हैं कि पिछले साल अपने जन्मदिन पर देश का नाम ही बदल दिया. स्वाजीलैंड सिर्फ इसी वजह से नहीं बल्कि कई और कारणों के लिए कुख्यात है. राजा ही नहीं कोई आम नागरिकों को भी कई विवाह कर सकने की आजादी है. फिर क्या था राजा ने इस परंपरा का भरपूर लाभ उठाया और एक के बाद एक पंद्रह शादियां की. और फिलहाल 15 पत्नियां हैं. 

बीवियों को गिफ्ट किया 15 रॉल्स रॉयस और बीएमडब्लयू

उन्हीं को मनाने के लिए राजा ने अपने कोष से बड़ा खर्च किया और 15 रॉल्स रॉयस उन सभी को उपहार में दिए. इतना ही नहीं बीएमडब्लयू कारें भी खरीदी. पिछले साल अपने जन्मदिन पर अपने देश का नाम बदलने वाले राजा इस्वातिनी ने नई शादियां भी की है. स्वाजीलैंड में हर वर्ष टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड कराई जाती है और इसी में से राजा के पास यह अधिकार है कि वह अपने लिए नई पत्नी चुनता है. दिलचस्प बात यह है कि परेड में शामिल नहीं होने वाली लड़कियों को सजा तक दी जाती है. 

टॉपलेस लड़कियों की परेड से त्रस्त जनता ने किया हंगामा

हालांकि, इस प्रथा को लेकर देश के कई हिस्सों में और अफ्रीका में पड़ोसी देश भी सवाल उठाते रहते हैं. लेकिन कोई कुछ भी कर नहीं पाता है. टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड को लेकर आम नागरिकों में भी रोष होता तो है पर प्रथा पर सवाल उठाने की हिम्मत करने के अलावा वे और कुछ कर नहीं पाते. साल 2014 में राजा ने अपनी घरेलू बजट को बढ़ाकर 437 करोड़ रुपए तक कर दिया था. आम नागरिकों ने इसका विरोध तो किया लेकिन कुछ बात बन न सकी. अब एक बार फिर परिवार पर और अय्याशियों पर बड़ी रकम खर्च करने के लिए उनका विरोध किया जा रहा है. 

सोशल मीडिया पर भी इस खबर को पढ़ने के बाद लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. राजा के 119 करोड़ रुपए अपनी अय्याशी पर उड़ाने का मजाक भी बन रहा है और आलोचना भी हो रही है.