कृषि कानूनों के विरोध में ओम प्रकाश चौटाला का बड़ा दावा, जानिए केंद्र सरकार के लिए क्या कहा

पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला मंगलवार को पलवल और दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर तीन केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध करने बैठे  किसानों को अपना समर्थन देने पहुंचे.

Last Updated : Jul 21, 2021, 01:14 PM IST
कृषि कानूनों के विरोध में ओम प्रकाश चौटाला का बड़ा दावा, जानिए केंद्र सरकार के लिए क्या कहा

साक्षी शर्मा/ चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला मंगलवार को पलवल और दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर तीन केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध करने बैठे  किसानों को अपना समर्थन देने पहुंचे. इस दौरान धरनास्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसान और मजदूर की नहीं है, बल्कि समूचे राष्ट्र की है. आज पूरे विश्व की निगाह आंदोलनरत किसानों के संघर्ष और जुझारूपन पर टिकी है. यह किसान आंदोलन तीन गलत कृषि कानूनों की वजह से है और पूरे देश के 36 जात के लोग इस आंदोलन से जुड़े हैं.

उन्होंने भाजपा सरकार पर जनता को जात-पात और धर्म के नाम पर बांटने का आरोप लगाया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गलत कानून बने हैं वो निश्चित रूप से बदले जाएंगे और इन गलत कानूनों को बनाने वाली सरकार भी गिरेगी. 

 ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, जिसकी अर्थव्यव्स्था खेती से जुड़ी है. देश का किसान अगर खुशहाल है तो देश मालामाल है, लेकिन अगर किसान कंगाल है तो देश का बुरा हाल है. भाजपा सरकार के गलत निर्णयों और नीतियों की वजह से देश के लोगों का जीना दूभर हो गया है.

फसल के खरीदार नहीं मिलते 

भाजपा सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज और दवाईयां उपलब्ध नहीं करवा रही है. अगर इसके बावजूद भी भगवान की कृपा से फसल अच्छी हो जाए तो कोई खरीदार नहीं है. अगर फसल खरीद ली जाती है तो उसके पैसे नहीं मिलते हैं. चौटाला ने कहा कि जब वो मंडियों में जाते हैं तो यह देखकर बहुत पीड़ा होती है कि किसान खरीदार न होने की वजह से फसल की भरी हुई ट्राली वापस ले जाते दिखते हैं. 

किसानों की जमीन छीनने का आरोप 

इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा सरकार की एक ही नीति है कि ऐसे कानून बनाओ, जिससे किसानों से उनकी जमीन छीनकर उस पर अडानी और अंबानी जैसे बड़े घरानों का कब्जा हो जाए. आज देश का हर नागरिक चाहे किसी भी धर्म और मजहब को मानता हो, किसी भी जाति या वर्ग से जुड़ा हो, सभी की हालत दयनीय है.

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उन्होंने कहा कि जब इनेलो का राज आया था तो उन्होंने काम के लिए लोगों को सरकार के पास चक्कर काटने जैसी परंपरा को बदल दिया था, तब ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्वयं लोगों तक पहुंच कर समस्याएं सुनती थीं और उनका मौके पर निपटारा करती थी. उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के एक-एक गांव में जाकर एक-एक व्यक्ति से मिलेंगे. मुझ पर झूठा इल्जाम लगाया गया कि उन्होंने गलत लोगों को नौकरी दी. मुझे दस साल की सजा हुई. नौकरी वाले तो तरक्की कर गए और नौकरी दिलाने वाला सजा पर सजा काटता रहा.

सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी देने का वादा 

चौटाला ने कहा कि 32 सौ बच्चों को नौकरी देने के लिए दस साल की सजा हुई. अबकी बार सरकार बनने पर हर पढ़े-लिखे बच्चे को नौकरी देंगे, इसके लिए चाहे फांसी पर झूलना पड़े. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वोटों की राजनीति नहीं करेगी और प्रदेश के सभी बच्चों को उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी देगी, चाहे वो हमें वोट दें या न दें. इस दौरान उन्होंने धरने पर बैठे किसानों के लिए एक वाटर कूलर और चार एयर कूलर भी दिए.

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