• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 6,28,747 और अबतक कुल केस- 21,53,010: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 14,80,884 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 43,379 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 68.32% से बेहतर होकर 68.78% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 53,878 मरीज ठीक हुए
  • सरकार ने 500 करोड़ का आवंटन आत्म निर्भर अभियान के तहत मधुमक्खी पालन बढ़ाने के लिए किया
  • शहद का उत्पादन 242% बढ़ा और निर्यात 265% बढ़ा
  • 115 जिलों में एमएसएमई पदचिह्न बढ़ाने के लिए पहल
  • ₹50 करोड़ तक का सेक्टर निवेश और MSME की नई परिभाषा में 250 करोड़ तक का कारोबार
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  • यह डिजिटल और आउटडोर इंस्टॉलेशन से सुसज्जित है, जो स्वछता पर जानकारी और शिक्षा प्रदान करता है
  • अगले पांच वर्षों में पीएलआई योजना के तहत ₹11.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन और इसके पुर्जे तैयार किए जाएंगे

बोले चिराग- मैं माता शबरी का वंशज, चाहता हूं मंदिर के साथ-साथ बने भेदभाव मुक्त समाज

 एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंदिर निर्माण के फैसले का स्वागत किया है. इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा है कि वह शबरी के वंशज हैं. 

बोले चिराग- मैं माता शबरी का वंशज, चाहता हूं मंदिर के साथ-साथ बने भेदभाव मुक्त समाज

नई दिल्लीः जैसे-जैसे अयोध्या में भूमिपूजन की तारीख निकट आती जा रही है, बयानबाजी की बयार भी उसी तेजी से बह रही है. भूमि पूजन के लिए अब सिर्फ 3 दिन रह गए हैं और तैयारियां बिल्कुल अंतिम चरण में हैं. इस बीच लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कुछ ऐसा कहा है जिससे कि वह चर्चा में आ गए हैं. 

मंदिर निर्माण का किया स्वागत
जानकारी के मुताबिक, एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंदिर निर्माण के फैसले का स्वागत किया है. इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा है कि वह शबरी के वंशज हैं. चिराग पासवान ने  रविवार को कहा कि मैं माता शबरी का वंशज हूं.  पासवान ने यह भी कहा कि मेरे जीवन समय में मंदिर का निर्माण मेरा परम सौभाग्य है. 

बराबरी का प्रतीक बनेगा राम मंदिर
उन्होंने यह भी कहा कि हमारा विश्वास है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ ही भगवान राम की सोच जनता तक जाएगी और एक ऐसा समाज बनेगा जहां किसी के साथ भेद-भाव न हो. राम राज्य की परिकल्पना ऐसी होनी चाहिए जहां, न अमीरी –ग़रीबी, न हिंदू - मुस्लिम और न ही जाति के आधार पर भेदभाव हो. मंदिर निर्माण ना सिर्फ मानव बल्कि समस्त जीव-जंतु, पशु-पक्षी के लिए खुशी और आत्मसंतुष्टि की बात है. 

 

भेदभाव रहित समाज का हो निर्माण
चिराग ने कहा कि माता शबरी की भक्ति व प्रेम भाव का असर था कि बिना संकोच के भगवान राम ने प्रेम से उनके झूठे बेर खाए. उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग से आने के बावजूद भगवान राम के मन में माता शबरी के प्रति तनिक भी भेदभाव की भावना नहीं थी.

 

मंदिर निर्माण के साथ-साथ भगवान राम के इन विचारों को अपनाकर ऐसे समाज का भी निर्माण करना होगा जहां किसी प्रकार का भेदभाव ना हो.

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