• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 5,79,357 और अबतक कुल केस- 18,03,695: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 11,86,203 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 38,135 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 65.43% से बेहतर होकर 65.77% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 40,574 मरीज ठीक हुए
  • IIT खड़गपुर ने एक पोर्टेबल रैपिड डायग्नोस्टिक डिवाइस विकसित किया
  • जो मात्र 400 रुपये की खर्च में एक घंटे के भीतर कोविड-19 संक्रमण का पता लगा सकता है
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो 8 अगस्त 2020 से लागू होंगे
  • पिछले एक साल में तीव्र गति से कार्य होने के कारण, J&K में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल अगले साल तक तैयार हो जाएगा
  • रेल मंत्रालय ने 2320 सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के लिए ‘आभासी सेवानिवृत्ति समारोह’ का आयोजन किया
  • महिला उद्यमिता और सशक्तीकरण कोहोर्ट ने 11 महिला उद्यमियों को महिलाओं के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पुरस्कृत किया
  • दूसरे चरण की ओर अग्रसर स्वच्छ भारत मिशन 2: 10 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है

हिंद महासागर में चीन की चौकीदारी, तैनात किए 12 अंडरवॉटर ड्रोन्स

 चीन ने हिंद महासागर में 12 अंडर वॉटर ड्रोन्स तैनात किए हैं. इन ड्रोन्स को बीते साल के आखिरी में यानी दिसंबर में लॉन्च किया था. जानकारी के अनुसार इसके जरिए करीब 3500 मिशन को अंजाम दिया गया है. यह आंकड़ा फरवरी तक का है, यानी चीन के तैनात इन ड्रोन 'सिपाहियों' ने समुद्री किनारों से सटे देशों की अहम जानकारियां जुटा ली हैं. जरूरी बात है कि भारत भी इनमें से एक हो सकता है. 

हिंद महासागर में चीन की चौकीदारी, तैनात किए 12 अंडरवॉटर ड्रोन्स

नई दिल्लीः चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, सारी दुनिया अभी तक उसके दिए संकट से जूझ रही है, लेकिन यह देश हमेशा युद्धक रणनीतियों में व्यस्त रहता है और अन्य देशों के सामने विपरीत परिस्थितियां खड़ी करता रहता है. चीन ने एक बार फिर ऐसी ही कार्रवाई को अंजाम दिया है, चीन अब समुद्री रास्तों से दूसरे देशों की नौसेना की जासूसी कर रहा है, और इससे जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहा है. 

चीन ने किया क्या है
दरअसल, चीन ने हिंद महासागर में 12 अंडर वॉटर ड्रोन्स तैनात किए हैं. इन ड्रोन्स को बीते साल के आखिरी में यानी दिसंबर में लॉन्च किया था. जानकारी के अनुसार इसके जरिए करीब 3500 मिशन को अंजाम दिया गया है.

यह आंकड़ा फरवरी तक का है, यानी चीन के तैनात इन ड्रोन 'सिपाहियों' ने समुद्री किनारों से सटे देशों की अहम जानकारियां जुटा ली हैं. जरूरी बात है कि भारत भी इनमें से एक हो सकता है. 

ऐसी है ये ड्रोन
'Sea wing gliders' नाम से जाने जानी वाली इन अंडरवाटर ड्रोन्स में कोई भी ह्यूमन क्रू नहीं होता है, यानी ये unmanned ड्रोन्स हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इन ड्रोन्स को दिसम्बर महीने में समुद्र के सर्वे के मकसद से चीनी नौ सेना के Xiangyanghong-6 शिप से हिंद महासागर में लॉन्च किया गया था.  इस सर्वे का क्या मकसद हो सकता है, स्पष्ट नही है. 

ये है चीन का दावा
सुरक्षा जानकारों के मुताबिक, चीन इसके जरिये दूसरे देश की नौसेना की जासूसी कर रहा है. हालांकि चीन सरकार का दावा है कि वो इसके जरिये oceanography से जुड़े डेटा इकट्ठा कर रहा है. चीन के सी विंग ग्लाइडर्स अंडरवाटर ड्रोन्स अमेरिकी नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले Littoral Battlespace Sensing-Glider (LBS-G) से काफी मिलते—जुलते हैं.

महासागरीय भूगोल के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के पीछे आखिर चीन की क्या मंशा हो सकती है. 

चीन की यह कोशिश पहली बार नहीं
महासागरीय गतिविधि को लेकर चीन की यह कोशिश पहली नही है. हिंद महसागर में चीन पहले से दबदबा बनाने की कोशिश करता आया है और सागरीय सीमा पर नजर गड़ाए है. भारत की समुद्री सीमा 7500 किलोमीटर लंबी है. हिंद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने की चीन की कोशिशों को देखते हुए भारत पहले से सीमा निगरानी के लिए नजर बनाए हुए है.