कोरोना की दहशत: बिना बीमारी के कोलंबिया में 23 की मौत

पूरी दुनिया पर कोरोना की दहशत सवार हो गई है. हालात ये है कि बिना बीमारी के भी लोग पैनिक होकर मौत के शिकार हो रहे हैं. ऐसा ही मामला कोलंबिया में सामने आया. जहां कोरोना की दहशत के कारण जेल में दंगा हो गया.   

कोरोना की दहशत: बिना बीमारी के कोलंबिया में 23 की मौत

नई दिल्ली: लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया के बगोटा शहर में शनिवार को कोरोना वायरस को लेकर हुए खूनी संघर्ष छिड़ गया.

23 लोगों की जान लेकर थमा बवाल
जेल में झड़प शुरु होने के बाद 23 कैदियों की मौत हो गई और 83 जख्मी हो गए. जेल में तैनात 7 सुरक्षाकर्मी भी इस झड़प में जख्मी हो गए. कैदियों के परिजनों को जब इस बात की जानकारी मिली तो वे जेल के बाहर भारी तादाद में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया.

परिजनों ने बाद में किया बवाल
बगोटा की जेल के भीतर हुई खूनी झड़प में कैदियों की मौत का समाचार पाकर बेतहाशा लोग यहां भागे. लोग ये जानना चाह रहे थे कि खूनी झड़प में जेल में बंद उनके परिजन जिंदा भी हैं या नहीं. लेकिन जेल अथॉरिटी से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो वो बैरिकेड तोड़कर जेल में घुसने की कोशिश करने लगे. जिन्हें बड़ी मुश्किल से काबू किया गया. 

ऐसी ही एक महिला ने समाचार एजेन्सी के सामने बयान दिया कि 'ये कुछ भी नहीं बता रहे हैं कि मेरे पति के बारे में. हमें पता करने के लिए कहां जाएं. कोरोना वायरस फैला हुआ है लेकिन जेल के भीतर सैनिटेशन की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे तो जेल में बंद सारे कैदी मर जाएंगे. हम कहां जाएं. किससे बात करें. ये बहुत गलत हो रहा है.'

कोलंबिया में फैल रहा है कोरोना
 लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया में भी कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अबतक संक्रमण के करीब 250 मामले इस देश में आ चुके हैं जबकि 2 लोगों की वहां मौत भी हो चुकी है. वायरस के संक्रमण का खतरा जेल में भी है. लेकिन आरोप है कि जेल में सैनिटेशन की कोई व्यवस्था नहीं है. इसी बात से नाराज कैदियों ने शनिवार को हंगामा कर दिया. कैदियों ने जेल के भीतर आगजनी भी कर दी. 
खबर ये भी है कि कोलंबिया की दूसरी जेलों में भी कोरोना वायरस के फैलने के बाद कैदी सैनिटेशन सुविधा को लेकर हंगामा कर रहे हैं. कोलंबिया की न्याय मंत्री मार्गेरिटा काबेलो ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा है कि जेल में सैनिटेशन की कोई समस्या नहीं है.

कैदियों की रिहाई की मांग हो रही है
कोलंबिया के मानवाधिकार संगठनों ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से प्रिजन इमरजेंसी की घोषणा करने को कहा है. प्रिजन इमरजेंसी घोषित होने की सूरत में संगीन कैदियों को छोड़कर बाकी कैदियों की वक्त से पहले रिहाई करनी होगी. अब देखना ये है कि कोलंबिया की सरकार इसके लिए राजी होती है या नहीं.