गूगल सीईओ अब अल्फाबेट के जरिए एक साल में कमाएंगे 1718 करोड़ रुपए

गूगल सीईओ सुंदर पिचाई को अगले साल बेसिक सैलरी के रूप में तकरीबन 20 लाख डॉलर जो भारतीय रुपए के लिहाज से 14.2 करोड़ रुपये होता है. वहीं 24 करोड़ डॉलर यानी 1704 करोड़ रुपये स्टॉक ऑप्शन के तौर पर भी मिलेगा. 24 करोड़ डॉलर में से 12 करोड़ डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड तिमाही किश्तों में मिलता है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 21, 2019, 05:37 PM IST
    • इन कंपनियों के सीईओ और संस्थापकों से फिर भी कम कमाते हैं पिचाई
    • क्या है अल्फाबेट और क्या है इसकी विशेषता ?
    • तिमाही में अल्फाबेट के शेयर में आई तेजी
गूगल सीईओ अब अल्फाबेट के जरिए एक साल में कमाएंगे 1718 करोड़ रुपए

नई दिल्ली: गूगल सीईओ सुंदर पिचाई को अगले साल बेसिक सैलरी के रूप में तकरीबन 20 लाख डॉलर जो भारतीय रुपए के लिहाज से 14.2 करोड़ रुपये होता है. वहीं 24 करोड़ डॉलर यानी 1704 करोड़ रुपये स्टॉक ऑप्शन के तौर पर भी मिलेगा. 24 करोड़ डॉलर में से 12 करोड़ डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड तिमाही किश्तों में मिलता है.

2018 में पिचाई को गूगल सीईओ के तौर पर 4.6 करोड़ रुपये की बेसिक सैलरी मिली थी. अब इसमें 200 फीसदी का इजाफा हो गया है. 2018 में पिचाई को कुल 19 लाख डॉलर यानी 135 करोड़ रुपये के वेतन-भत्ते प्राप्त हुए थे. इसमें 6.5 लाख डॉलर यानी 4.6 करोड़ रुपये बेसिक सैलरी थी. 

इन कंपनियों के सीईओ और संस्थापकों से फिर भी कम कमाते हैं पिचाई

एक जानकारी के मुताबिक एक हफ्ते में सुंदर पिचाई अगर 40 घंटे काम करते है, तो ऐसे में उनकी हर घंटे की सैलरी 2,25,961 डॉलर यानी करीब 1.60 करोड़ रुपये बढ़ती जाती है. हालांकि, पिचाई को मिलने वाला भत्ता फिर भी एप्पल के सीईओ टिम कुक और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक सत्या नडेला के बराबरी में काफी कम है. कुक को 2018 में 957 करोड़ रुपये और सत्या नडेला को 306 करोड़ रुपये मिले थे. जबकि सबसे अधिक वेतन-भत्ता टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को 3591 करोड़ रुपये मिला था.

तिलरे के ब्रेनडेन केनेडी को 1792 करोड़ रुपए, वॉल्ट डिजनी के बॉब टाइगर को 1022 करोड़ रुपये और पालो अल्टो नेटवर्क के निकेश अरोड़ा को 910 करोड़ रुपये रुपये तक मिल गए थे.

क्या है अल्फाबेट और क्या है इसकी विशेषता ?

गूगल ने 2015 में कंपनी स्वरूप में बदलाव करते हुए अल्फाबेट की स्थापना की जो अलग-अलग कंपनियों का एक ग्रुप है. कंपनी गूगल को वायमो (स्वचालित कार) वेरिली (जैव विज्ञान) कैलिको (बायोटेक आर एंड डी) साइडवॉक लैब (शहरी नवोन्मेष) और लून (गुब्बारे की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट उपलब्धता) जैसी कंपनियों के अलग-अलग फीचर्स के हिसाब से अलग करती है. 

तिमाही में अल्फाबेट के शेयर में आई तेजी

तिमाही नतीजों की जब घोषणा हुई तो जुलाई 2019 में अल्फाबेट के शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई थी. अल्फाबेट का बाजार पूंजीकरण तकरीबन 893.33 अरब डॉलर का है. इसको ले कर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा था कि क्लाउड बिजनेस का सालाना रेवेन्यू आठ अरब डॉलर तक पहुंच गया है. गूगल प्रॉपर्टीज पर पेड क्लिक्स में भी सालाना आधार पर 28 फीसदी का इजाफा आया है.

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