Muharram: मुसलमान मुहर्रम में क्यों मानते हैं ग़म; आखिर क्या हुआ था कर्बला के मैदान में ?

Muharram 2024: मदीना से कुछ दूरी पर मुआविया नाम का एक शासक रहता था, जिनके इंतकाल के बाद उनका बेटा यजीद को शाही गद्दी पर बिठाया गया, गद्दी पर बैठते ही यजीद अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करने लगा. धीरे-धीरे यजीद से मदीने के लोग काफी खौफ खाने लगे. यजीद हजरत मोहम्मद की वफात के बाद इस्लाम को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करने लगा.

Muharram: मुसलमान मुहर्रम में क्यों मानते हैं ग़म; आखिर क्या हुआ था कर्बला के मैदान में ?

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