'दफ़्न कर सकता हूँ सीने में तुम्हारे राज़ को', असरारुल हक मजाज के शेर

Asrarul Haq Majaz Poetry: असरारुल हक मजाज का असली नाम असरारुल हक था. एक वक्त में उन्होंने 'शहीद' उपनाम अपनाया था. आज हम आपके सामने पेश कर रहे हैं असरारुल हक मजाज के बेहतरीन शेर.

'दफ़्न कर सकता हूँ सीने में तुम्हारे राज़ को', असरारुल हक मजाज के शेर

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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