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Kirori Lal Meena resigns: राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. मंत्री ने 10 दिन पहले ही सीएम भजन लाल शर्मा को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन अभी तक इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी. हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, लोकसभा इलेक्शन के दौरान किरोड़ी लाल मीना ने कहा था कि अगर पूर्वी राजस्थान की 7 सीटों में से एक भी सीट बीजेपी हारती है, तो वो मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. वहीं, पूर्वी राजस्थान की 7 सीटों में से बीजेपी 4 सीट हार गई. जिसमें करौली-धौलपुर, दौसा, टोंक-सवाई माधोपुर और भरतपुर सीट शामिल है. इसके बाद कांग्रेस के नेताओं बीजेपी नेता पर हमला बोला और उनसे लगातार इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
इस वजह से हैं नाराज
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मीना उस दिन से ही नाराज थे, जब उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय से पंचायती राज और कृषि मंत्रालय से कृषि विपणन मंत्री बनाकर मंत्री बनाया गया था. इससे पहले डॉ. किरोड़ी लाल मीना अपने भाई जगमोहन मीना को दौसा लोकसभा सीट से टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने कन्हैयालाल मीना को टिकट दे दिया. किरोड़ी लाल मीना सवाई माधोपुर सीट से विधायक हैं, जहां भी बीजेपी बुरी तरह हारी थी.
अनदेखी का लगा है इल्जाम
किरोड़ी लाल मीना की वजह से कांग्रेस का परंपरागत मीना आदिवासी वोट विधानसभा इलेक्शन में कांग्रेस से खिसककर बीजेपी में चला गया था, लेकिन किरोड़ी की अनदेखी के बाद लोकसभा में मीना ने फिर कांग्रेस का साथ दिया. डॉ. किरोड़ी लाल मीना का पूर्वी राजस्थान में दबदबा है, जहां दौसा और देवली-उनियारा सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं. मीना ने तीन दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाया था, लेकिन कहा जा रहा है कि सरकार में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से किरोड़ी लाल मीना के मतभेद काफी बढ़ गए थे.