क्या सपा में आज़म खान की जगह लेगा ये दिग्गज कांग्रेसी? अचानक गरमाया माहौल
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क्या सपा में आज़म खान की जगह लेगा ये दिग्गज कांग्रेसी? अचानक गरमाया माहौल

हालांकि ये एंट्री होगी या नहीं ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा लेकिन ये बात तो तय है कि अगर ऐसा हुआ तो सहारनपुर ही नहीं बल्कि कैराना और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट और काफ़ी विधानसभा सीटों का गणित काफी कुछ बदलेगा.

फाइल फोटो

सहारनपुर/उवैस अली: जिलेभर का सियासी माहौल अचानक गरमा गया है जिसकी वजह है इमरान मसूद के बारे में उड़ रही अफवाहें हैं. खबरें आ रही हैं और सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है कि दिग्गज कांग्रेसी नेता इमरान मसूद की सपा के आलाकमान से मुलाक़ात हो गई है और सब कुछ सही रहा तो बहुत जल्द उनकी सपा में एंट्री हो जाएगी.

हालांकि ये एंट्री होगी या नहीं ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा लेकिन ये बात तो तय है कि अगर ऐसा हुआ तो सहारनपुर ही नहीं बल्कि कैराना और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट और काफ़ी विधानसभा सीटों का गणित काफी कुछ बदलेगा. 

इमरान मसूद सहारनपुर ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी में कद्दावर नेता हैं और उनकी दीवानगी खास तौर पर युवाओं में हमेशा नज़र आई है, वहीं सपा दिग्गज आज़म खान और उनका परिवार राजनीतिक झंझावतों के साथ-साथ स्वास्थ्य कारणों से भी जूझ रहे हैं और सपा के नए आलाकमान को बड़े मुस्लिम चेहरे की सख्त जरूरत है जिस पर सहारनपुर जिले के मुस्लिम तबके के लोगों के हिसाब अगर बात की जाए तो इमरान मसूद काफी हद तक खरे भी उतरते हैं.

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अगर बात की जाए सहारनपुर की तो यहां की सभी विधानसभा सीटों पर उनको भरपूर हिमायत मिलती है. अगर पिछले कुछ चुनावों की बात की जाए तो इमरान मसूद भरपूर वोट लेकर हारे तो हैं लेकिन वो किंग मेकर ज़रूर रहे हैं और ये उन्होंने बखूबी साबित किया है. उन्होंने अपने दम पर उस कांग्रेस के निशान पर दो-दो विधायक बनवाये हैं जिस कंग्रेस का उन विधानसभा सीटों पर कतई जनाधार नही है. लाज़िम है कि ये जलवा इमरान मसूद का है न कि कॉंग्रेस पार्टी का. 

यही नहीं इमरान मसूद का कांग्रेस आलाकमान से जो नज़दीकी रिश्ता और रुतबा है वो कांग्रेस में ज़िंदगी खपा चुके कई नेताओं जो आज तक नसीब न हो सका है लेकिन उनका ये रुतबा सिर्फ कंग्रेस में ही नहीं सपा में भी दिखाई देता है और उसकी वजह है सपा आलाकमान को इमरान मसूद की सियासी हैसियत और पकड़ के बारे में अच्छे से मालूम होना.

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ये भी तय बात है कि सपा के पुराने नेताओं और धुरंदरों को इमरान की सपा में एंट्री किसी कीमत पर मंजूर नहीं होगी. अब ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या ऐसे सभी सपाई इतनी आसानी से इमरान की एंट्री सपा में होने देंगे? यकीनन वो सब अपनी पूरी ताकत लगाएंगे की किसी भी तरह से उनकी सपा में एंट्री न होने पाए. लेकिन नहीं लगता कि अगर इमरान और आलाकमान में तय हो चुका हो तो फिर ये कामयाब हो पाएंगे. 

बहरहाल जराए बता रहे हैं कि सपा इमरान मसूद को ज़िले की तीन विधानसभा सीटों पर हरी झंडी दिखाई जा चुकी है और अगर ऐसा है तो वो इमरान के लिए फायदेमंद सौदा है, अब देखने वाली बात ये होगी कि फिजाओं में तैर रही इन सियासी अफवाहों को कितनी जल्दी बल मिलता है या फिर ये अफवाहें सिर्फ कोरी अफवाहें ही साबित होती हैं लेकिन ऐसा हुवा तो यकीनन सहारनपुर जनपद के साथ-साथ आसपास के जिलों में राजनीतिक सूरत काफी कुछ बदली बदली सी नज़र आएगी.

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