'दिल ले के मुफ़्त कहते हैं कुछ काम का नहीं', दाग देहलवी के शेर

Daagh Dehlvi Urdu Poetry: दाग़ दहेलवी का असल नाम इब्राहीम था लेकिन वो नवाब मिर्ज़ा ख़ान के नाम से जाने गए. वो 1831 ई. में दिल्ली में पैदा हुए. आज हम पेश कर रहे हैं दाग दहेलवी के उर्दू के बेहतरीन शेर.

'दिल ले के मुफ़्त कहते हैं कुछ काम का नहीं', दाग देहलवी के शेर

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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