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Akhilesh Yadav resigned: लोकसभा इलेक्शन समाप्त हो गया है. इस चुनाव में कई मौजूदा विधायक, सांसद बनें. ऐसे में विधायकों को सांसद बने रहने के लिए अपने विधायकी से इस्तीफा देना पड़ेगा. इस बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बड़ी घोषणा की है. पूर्व सीएम करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा देने का ऐलान किया है. उन्होंने खुद यह जानकारी दी है.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
इस्तीफा देने से पहले समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने आज यानी 11 जून को कहा कि उन्हें अपनी दो सीटों में से एक सीट छोड़नी पड़ेगी और उत्तर प्रदेश की करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा देना पड़ेगा. कन्नौज लोकसभा सीट से जीतने वाले अखिलेश यादव के पास करहल विधानसभा सीट भी है. उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा इलेक्शन में करहल सीट जीती थी.
अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैंने करहल और मैनपुरी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की है और उनसे कहा है कि चूंकि मैं दो सीटों से चुनाव जीता हूं, इसलिए मुझे एक सीट छोड़नी होगी. इसलिए मैं जल्द ही विधानसभा की सीट छोड़ने के बारे में आपको सूचित करूंगा."
नेता प्रतिपक्ष से भी देना होगा इस्तीफा
अखिलेश के उत्तर प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता नहीं रहेंगे. अगला एलओपी कौन होगा, यह पूछे जाने पर यादव ने कहा, "पार्टी द्वारा इस तरह से फैसला लिया जाएगा, जो पार्टी के लिए फायदेमंद हो और पार्टी का वोट शेयर बढ़े." इससे पहले पार्टी ने ऐलान किया था कि अखिलेश यादव लोकसभा में पार्टी के नेता होंगे. समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 में से 37 सीटें जीतीं.
इस सीट से दर्ज की थी जीत
पूर्व मुख्यमंत्री ने खुद पार्टी के गढ़ कन्नौज में भाजपा उम्मीदवार सुब्रत पाठक को 1,70,922 से ज्यादा मतों से हराकर जीत हासिल की. उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने 37 सीटें जीतीं, बीजेपी ने 33, कांग्रेस ने 6, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने 2 और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) तथा अपना दल (सोनीलाल) ने 1-1 सीट जीतने में कामयाब हुई थी.