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How to Celebrate Eid: ईद उल फित्र मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है. यह रमजान के 30 रोजों के बाद आता है. माना जाता है कि ईद उल फित्र मुसलमानों को अल्लाह की तरफ से रमजान और तरावीह का तोहफा है. मुस्लिम इसका बेसब्री से इंतेजार करते हैं. इसकी कई दिनों पहले से तैयारी की जाती है. ईद पर नए-नए कपड़े पहने जाते हैं. लोग एक दूसरे के यहां सिवाई खाने जाते हैं. ऐसे में कुछ ऐसे काम भी हैं जो ईद पर किए जाते हैं. इन्हें करना सुन्नत भी है. आइए इनके बारे में जानते हैं.
बदन की साफ-सफाई जरूरी
ईद के दिन जोहर की नमाज से पहले 2 रकात नमाज पढ़ी जाती है. इसलिए सुबह ही अच्छे से नहा (गुस्ल कर लें) लें. अपने बदन की गंदगी हटा लें और पाका साफ हो जाएं. इसके बाद नए कपड़े पहन लें. नए कपड़े न हों तो जो कपड़े आपके पास हैं उनमें से सबसे अच्छे कपड़े पहन लें. इसके बाद इत्र लगा लें.
मीठा खाकर घर से निकलें
ईद की नमाज के लिए जाने से पहले कुछ खाना सुन्नत है. मीठे में खजूर, शीर या सिवाई बना कर खाई जा सकती है. कुछ किताबों में जिक्र आता है कि ईद के दिन घर से बाहर निकलने से पहले मीठा खाना वाजिब है.
ईद की नमाज अदा करना
ईद के दिन जो सबसे ज्यादा जरूरी काम है वह है ईद की नमाज अदा करना. ईद के दिन नए कपड़े पहन कर, मीठा खाकर ईदगाह या मस्जिद जाना चाहिए और दो रकात नमाज वाजिब अदा करना जरूरी है. महिलाएं घर पर ईद की नमाज अदा कर सकती हैं.
दूसरे रास्ते से आएं
कहा जाता है कि ईद के दिन जिस रास्ते से ईद की नमाज अदा करने जिस रास्ते से जाएं दोबारी उसी रास्ते पर लैटने के बजाए दूसरे रास्ते से वापस आएं.
फितरा अदा करें
ईद की नमाज से पहले फितरा अदा करना बहुत जरूरी है. फितरा हर उस शख्स पर वाजिब है जो खाता पीता हो या जो जकात देने की हैसियत रखता हो उसे ईद से पहले फितरा अदा जरूरी है. हर इंसान के लिए 1 किलो 633 ग्राम गेहूं, जौ या खजूर देना होता है. या फिर इतनी ही कीमत का पैसा अदा करना होता है.
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