Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1625243
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंNew Pension Scheme: नई पेंश स्कीम में होंगे बदलाव? सरकार ने रखा समिती का प्रस्ताव

New Pension Scheme: नई पेंश स्कीम में होंगे बदलाव? सरकार ने रखा समिती का प्रस्ताव

New Pension Scheme: नई पेंशन स्कीम में आने वाले दिनों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने ने पेंशन संबंधित मुद्दों पर गौर करने के लिए एक नई समीति गठित करने का प्रस्ताव रखा है.

New Pension Scheme: नई पेंश स्कीम में होंगे बदलाव? सरकार ने रखा समिती का प्रस्ताव

New Pension Scheme: मुल्क में पुरानी पेंशन और नई पेंशन स्कीम को लेकर बवाल जारी है. अपोजीशन पार्टीज पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की बात कर रही हैं, वहीं केंद्र सरकार इसके खिलाफ दिखाई पड़ रही है. हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने के बाद कांग्रस ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की बात कही है. अब शुक्रवार के दिन देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेंशन संबंधित मुद्दों पर गौर करने के लिए एक नई समीति गठित करने का प्रस्ताव रखा है. निर्मला सीतारण ने कहा कि वित्त सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई जाएगी.

इस कमेटी का क्या काम होगा?

आपको जानकारी के लिए बता दें इस नई कमेटी का काम नई पेंशन स्कीम को रिव्यू करना होगा. कई जानकारों का मानना है कि सरकार विपक्ष के जरिए लागू की गई पुरानी पेंशन स्कीम से घबराई हुई है. ऐसे में आने वाले दिनों में नई पेंशन स्कीम में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

नई पेंशन स्कीम और पुरानी पेंशन स्कीम में क्या अंतर है?

आपको जानकारी के लिए बता दें पुरानी पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को वेतन की आधी राशी पेंशन के तौर पर देने का नियम है. इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के सैलरी से पेंशन का कोई पैसा भी नहीं कटता है. इसी को लेकर विपक्ष केंद्र का विरोध करता है. पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी ने पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया. जिसके बाद अब कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में ऐसा करनी वाली है.

Add Zee News as a Preferred Source

नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों की सैलरी से 10 फीसद कटौती की जाती है. इतना ही सरकार भी देती है. कर्मचारी के रिटायर होने के बाद उसे ये पेंशन मिलती है. नई पेंशन योजना बाजार के अनुसार है और इसका भुगतान शेयर बाजार के अनुसार किया जाता है. यानी कर्मचारी को मिलने वाला फंड कम या ज्यादा भी हो सकता है.

About the Author
author img
Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

TAGS

Trending news