Rajasthan Politrics: लोकसभा इलेक्शन से पहले सियासा हंगामा जारी है. लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान के बागीदौरा से कांग्रेस एमएलए महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है.
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Mahendrajeet Singh Malviya Resigh From Congress: लोकसभा इलेक्शन से पहले नेताओं का पार्टी बदलने का सिलसिला जारी है. लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान के बागीदौरा से कांग्रेस एमएलए महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है. सोमवार को वो जयपुर स्थित बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां वो रियासती इंचार्ज अरुण सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. इस बीच बीजेपी के सीनियर लीडर राजेंद्र राठौर ने पार्टी में उनका स्वागत किया. बीजेपी में शामिल होने से पहले उन्होंने कहा कि,'आज देश में विकास की बात हो रही है. हर कोई विकास पर खुलकर बात कर रहा है. लिहाजा आज के समय में डबल इंजन की सरकार की जरूरत है.
उनके इस बयान से साफ जाहिर होता है कि वो अब केंद्र के साथ सभी रियासतों में भी बीजेपी की सरकार की अगुवाई होने की बात पर जोर दे रहे हैं. महेंद्रजीत सिंह ने आगे कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तो मेरा उस कार्यक्रम में जाने का बहुत दिल था, लेकिन पार्टी की दखल अंदाजी की वजह से इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सका, जिसका दर्द आज भी मुझे उदास कर रहा है. इस बीच महेंद्रजीत ने इतिहास में जाकर आदिवासियों की कुर्बानी का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 1913 में 1,500 आदिवासियों ने अपने प्राण की आहुति दे दी थी.
उन्होंने कहा कि, मैंने खुद कबाईली समुदाय के बीच रहकर खूब काम किया, लेकिन, अफसोस आज तक किसी भी पीएम ने इन आदिवासियों की शहादत का जिक्र नहीं किया. अगर किसी ने किया, तो वो इकलौते पीएम नरेंद्र मोदी ही थे, जिन्होंने बीते दिनों मानगढ़ धाम में आकर आदिवासियों की कुर्बानी को सलाम किया था. मैं जाती तौर पर पीएम के इस कदम से काफी मुतास्सिर हुआ था. बीजेपी का दामन थामने के बाद महेंद्रजीत सिंह ने अपना पहला रिएक्शन देते हुए कहा कि वो कापी समय से बीजेपी के साथ आना चाहते थे. यही नहीं, सिंह 1998 में बीजेपी के टिकट पर एमपी भी बने थे, जिसके बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे. ऐसे में अब उनके बीजेपी में आने के कदम को उनकी घर वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है. अब देखना होगा कि आने वाले लोकसभा इलेक्शन से पहले पार्टी की तरफ से उन्हें क्या जिम्मेदारी मिलती है.